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नूंह हिंसा में गैंग ने 0011 के नाम से व्हाट्सएप ग्रुप बनाया, यात्रा में बजरंग दल के शामिल होने पर 30 जुलाई को रची गई थी, भयंकर साजिश


In Nuh violence, the gang formed a WhatsApp group named 0011, on the participation of Bajrang Dal in the yatra, a terrible conspiracy was created on July 30.
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नूंह हिंसा  में गैंग ने 0011 के नाम से व्हाट्सएप ग्रुप बनाया

नूंह हिंसा को लेकर नए  खुलासे  हो रहे हैं।  पुलिस में जांच में अब सामने आ रहा है कि हिंसा के दौरान गैंग ने 0011 नामक एक व्हाट्सएप ग्रुप बनाया।  जिसने अहम भूमिका निभाई । इस ग्रुप में 60 लोगों ने व्हाट्सएप के जरिए 30 जुलाई को नूंह हिंसा की साजिश रचने की तैयारी कर ली थी।  उन्होंने तय किया था कि ब्रजमंडल यात्रा में यदि बजरंग दल के लोग शामिल होंगे । तो उन्हें सबक सिखाया जाएगा।  इसका खुलासा तब हुआ।  जब गैंग के 0011 के नाम से व्हाट्सएप ग्रुप चलाने वाले एडमिन की गिरफ्तारी हुई। 

गैंग के सरगना वसीम और टिटा  को  फिरोजपुर से नूह पुलिस ने गिरफ्तार किया है।  20 और व्हाट्सएप ग्रुप संदेह के घेरे में आए हैं। नूंह  पुलिस ने 20 व्हाट्सएप ग्रुपों की जांच कर रही है । इन ग्रुपों के एडमिन और सदस्य नूंह हिंसा में संभावित भूमिका के जांच के दायरे में है।  हालांकि अभी तक माना जा रहा है की नूंह हिंसा सांप्रदायिक तनाव का एक सहज विस्फोट था।  पुलिस की चल रही जांच में नए सबूत सामने आ रहे हैं।  दंगाई हमला करने के स्पष्ट इरादे से आए थे। 

साइबर थाने को उड़ाने की भी योजना

पुलिस ने इस मामले में जब पूछताछ की आरोपी टिटा और अन्य आरोपियों के निशाने पर साइबर पुलिस थाना निशाने पर था . नूंह  पुलिस स्टेशन को उड़ाने के लिए एक बस की भी व्यवस्था की थी । जैसे ही नूंह हिंसा में सांप्रदायिक तनाव पैदा हुआ। उसने एक निजी बस की व्यवस्था की और गांव जाकर गिरोह के सदस्यों को उठाया । जो साइबर पुलिस स्टेशन पर हमला करने के बाद विभिन्न स्थानों पर हिस्सा में शामिल थे। 

टिटा  ने अपनी बात कबूली

पुलिस की जांच में आरोपी टिटा  ने अपनी शामिल होने की बात कबूल  कर ली है।  व्हाट्सएप ग्रुप कई दिनों तक चर्चा में रहा । जिसमें मुख्य रूप से उसके हिस्सा भड़काने  वाले संदेश थे । इन संदेशों में दक्षिण पंथी कार्यकर्ताओं के लिए एक उदाहरण स्थापित करने और उनकी चुनौतियों का जवाब देने की बात लिखी गई । ग्रुप में लिखा गया कि उनकी हिट लिस्ट के लोग यात्रा में शामिल होते हैं।  तो उन पर कार्रवाई करने के लिए तैयार रहे ।

सदस्यों का आपराधिक इतिहास खंगाल रही है पुलिस

नूह पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने जानकारी दी है की गैंग के सदस्यों ने साइबर पुलिस स्टेशन पर हमला करने की भी योजना बनाई।  उसे अंजाम दिया । हम सभी सदस्यों के आपराधिक इतिहास की जांच कर रहे हैं।  क्योंकि कई साइबर अपराधी और है उन्हें पकड़ने के लिए छापेमारी की जा रही है। 

ब्रज मंडल यात्रा में पथराव के बाद भड़की थी हिंसा

31 जुलाई को नूंह में विश्व हिंदू परिषद की तरफ से ब्रजमंडल यात्रा निकाली गई थी । यात्रा दोपहर के समय जब नूंह  के तिरंगा पार्क के पास पहुंचे तो पथराव  शुरू हो गया।  इसके बाद हिंसा फैल गई । इसकी चपेट में पड़ोसी जिले गुरुग्राम, पलवल, फरीदाबाद और रेवाड़ी भी आए । हिंसा के कांड होमगार्ड के दो जवान सहित 6 लोगों की मौतें हुई थी। 

9 जिलों में धारा 144 और नूंह  में कर्फ्यू लगाया गया

इसके साथ ही अभी तक अकेले नूंह में 57 फिर दर्ज हो चुकी है।  जिसमें 188 लोगों की गिरफ्तारियां की जा चुकी है।  नूंह में अभी 11 अगस्त की रात 12:00 बजे तक नेट बंद और कर्फ्यू लगा। 

नूंह हिंसा में अब तक तीन एनकाउंटर

नूंह हिंसा मामले में अब तक पुलिस ने तीन एनकाउंटर कर चुकी है.  इसमें हिंसा से संबंधित अपराधियों को गोली लगी । इनका इलाज अस्पताल में चल रहा है।  24 अगस्त को उन्होंने से जुड़े एक और आरोपी का नूह पुलिस ने एनकाउंटर किया।  देर रात 11:00 बजे हिंसा में मामले में आरोपी ओसामा उर्फ  पहलवान को पुलिस मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार किया । इससे पहले 31 अगस्त की रात 10:30 बजे आरोपी आमिर  निवासी ढिडारा  तावडू और 10 अगस्त सुबह 5:00 बजे आरोपी मुनफेद निवासी गवारका  को पुलिस मुठभेड़ में गिरफ्तार कर चुकी है।