“हरि का ठिकाणा हरियाणा-गीता जयंती पर कुरुक्षेत्र जरुर आना": मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने दिया गीता जयंती महोत्सव का निमंत्रण 

"Hari ka thikana, Haryana-must come to Kurukshetra on Geeta Jayanti": Chief Minister Manohar Lal invites Geeta Jayanti Festival

 
हरियाणा में 19 नवंबर से 6 दिसंबर तक कुरुक्षेत्र में सरस और शिल्प मेले के साथ अंतर्राष्ट्रीय गीता महोत्सव-2022 का आयोजन किया जाएगा। राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मू का हरियाणा आगमन भी कुरुक्षेत्र की पावन धरा पर होगा। वे 29 नवंबर को मुख्य कार्यक्रमों का विधिवत शुभारंभ करेंगी। 
 

HARDUM HARYANA NEWS

हरियाणा में 19 नवंबर से 6 दिसंबर तक कुरुक्षेत्र में सरस और शिल्प मेले के साथ अंतर्राष्ट्रीय गीता महोत्सव-2022 का आयोजन किया जाएगा। राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मू का हरियाणा आगमन भी कुरुक्षेत्र की पावन धरा पर होगा। वे 29 नवंबर को मुख्य कार्यक्रमों का विधिवत शुभारंभ करेंगी। 

 

 


मुख्यमंत्री श्री मनोहर लाल ने कहा कि राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मू 29 नवम्बर को ही कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय में तीन दिवसीय अन्तर्राष्ट्रीय गीता संगोष्ठी का भी शुभारम्भ करेंगी। इस संगोष्ठी में देश-विदेश के गीता मर्मज्ञ, विद्वान एवं शोधार्थी अपने शोधपत्र प्रस्तुत करेंगे।

 

 

मुख्यमंत्री श्री मनोहर लाल ने प्रदेशवासियों को हरियाणवी में निमंत्रण देते हुए कहा कि “हरि का ठिकाणा हरियाणा-गीता जयंती पर कुरुक्षेत्र जरुर आना”। उन्होंने कहा कि गीता जयंती महोत्सव लोगों की आस्था से जुड़ा हुआ है। प्रदेशवासी ज्यादा से ज्यादा संख्या में पहुंचे। चंडीगढ़ में गीता जयंती महोत्सव पर आयोजित प्रेसवार्ता के बाद पत्रकारों से बातचीत में मुख्यमंत्री ने कहा कि लोग गीता जयंती महोत्सव में ज्यादा से ज्यादा सामाजिक भागीदारी निभा रहे हैं। आसपास की बड़ी-छोटी सभी संस्थाएं अलग-अलग कार्यक्रम आयोजित कर रही हैं, इसमें जन भागीदारी बढ़ रही है।

मुख्यमंत्री ने बताया कि इस बार अंतर्राष्ट्रीय गीता महोत्सव 2022 में नेपाल पार्टनर देश एवं मध्यप्रदेश पार्टनर राज्य की भूमिका में रहेंगे। पुरुषोत्तमपुरा बाग ब्रह्म सरोवर पर मध्यप्रदेश सरकार द्वारा पवेलियन लगाया जा रहा है, जिसमें उनकी संस्कृति, शिल्प, खान-पान इत्यादि स्टॉल लगेंगे। 

श्री मनोहर लाल ने बताया कि अंतर्राष्ट्रीय गीता महोत्सव में हरियाणा के लोकनृत्य, शिल्प, लघुउद्योग, खान-पान इत्यादि से सम्बन्धित हरियाणा पवेलियन लगेगा, जिससे महोत्सव में आने वाले पर्यटक एवं तीर्थयात्री हरियाणा की संस्कृति से रूबरू हो सकेंगे।