सरसों, मटर और गाजर की बुवाई के लिए एडवाइजरी, ये रही लिस्ट
सरसों की अगेती बुवाई:
किस्में: पूसा सरसों-25, 26, 28, पूसा अगर्णी, पूसा तारक, पूसा महक।
बुवाई का समय: सितंबर के अंत से अक्टूबर के मध्य।
बीज की मात्रा: 1 एकड़ में 1 किलोग्राम।
खेत तैयार करने की सलाह: बीज की व्यवस्था करें और खेतों को अच्छे से तैयार करें।
अगेती मटर की बुवाई:
किस्म: पूसा प्रगति।
बीज उपचार: कवकनाशी केप्टान या थायरम @ 2 ग्राम प्रति किलोग्राम बीज के साथ उपचार करें।
राईजोबियम टीका: बीजों के साथ मिलाकर छायेदार स्थान में सूखने के लिए रखें और अगले दिन बुवाई करें।
गाजर की बुवाई:
किस्म: पूसा रूधिरा।
बीज की मात्रा: 4 किलोग्राम प्रति एकड़ (मशीन द्वारा बुवाई करने पर 1 किलोग्राम)।
बीज उपचार: केप्टान @ 2 ग्राम प्रति किलोग्राम बीज।
उर्वरक: देसी खाद, पोटाश, और फास्फोरस डालें।
फसलों की सुरक्षा
दीमक का प्रकोप:
निगरानी: फसलों की नियमित निगरानी करें।
उपचार: क्लोरपाइरीफॉस 20 ई सी @ 4.0 मिली/लीटर पानी के साथ सिंचाई जल में मिलाएं।
सफेद मक्खी और चूसक कीट:
उपचार: इमिडाक्लोप्रिड 1 मिली/3 लीटर पानी में मिलाकर छिड़काव करें।
फल छेदक नियंत्रण:
निगरानी: फीरोमोन ट्रैप लगाएं (4-6 ट्रैप प्रति एकड़)।
उपचार: स्पेनोसेड 1.0 मिली/4 लीटर पानी में मिलाकर छिड़काव करें।
विषाणु रोग: प्रभावित पौधों को उखाड़कर दबा दें और आवश्यकता अनुसार इमिडाक्लोप्रिड का छिड़काव करें।
इस सलाह का पालन कर किसान अपनी फसलों की अच्छी देखभाल कर सकते हैं और अधिक उत्पादन सुनिश्चित कर सकते हैं।