माता-पिता व अध्यापक गणों से बच्चे करे मन की बात छुपाएं नहीं बताएं यौन अपराध रोकने के लिए
 

 

रतिया, 9 फरवरी।
महिला एवं बाल विकास विभाग के निर्देशानुसार जिला बाल संरक्षण यूनिट, फतेहाबाद द्वारा यौन अपराधों से बालकों का संरक्षण अधिनियम, बाल अधिकार, बाल सुरक्षा, किशोर न्याय अधिनियम, स्पॉन्सरशिप स्कीम, गोदनामा आदि विषयों पर प्रत्येक माह 25 कैम्पों का आयोजन स्कूलों, आंगनवाडी सैंटरों व आमजन के बीच लगाए जा रहे है इसी के तहत राजकीय माध्यमिक विद्यालय, हमजापुर में एक जागरूकता कैम्प का आयोजन किया गया। 

जागरूकता कैम्प में बतौर मुख्य वक्ता के तौर पर जिला बाल संरक्षण यूनिट से लीगल कम प्रोबेशन अधिकारी बृजेश सेवदा ने स्कूल में बच्चों को बाल सुरक्षा व संरक्षण से जुड़े हुए विभिन्न पहलुओं पर जानकारी दी। उन्होंने बच्चों को जीवन में प्रत्येक मन की बात को अपने माता-पिता से शेयर करने और यदि स्कूल में है तो स्कूल में अध्यापकगणों के साथ शेयर करने को कहा ताकि बच्चों को किसी प्रकार की कोई समस्याएं आती है तो उसका निदान किया जा सके। उन्होंने बच्चों को पढाई पर विशेष ध्यान देने को कहा और बताया कि जीवन मे शिक्षा का क्या महत्व है और आने वाले समय मे वो देश का भविष्य है साथ ही नशे से दूर रहने व उसके दुषप्रभावों के बारे में चर्चा की। उन्होंने बच्चों के आधार कार्ड के बारे में भी जानकारी दी और शिक्षा के साथ-साथ खेलों पर भी ध्यान देने बारे बताया।

 पॉक्सो एक्ट के तहत बच्चों को बताया और उन्हें गुड टच व बैड टच के बारे में भी जानकारी दी। उन्होंने स्कूल प्रशासन से प्रार्थना की कि पोक्सो एक्ट कानून के बारे में प्रार्थना में, बाल समूह, बालिका मंच आदि पर विस्तार से चर्चा करने को कहा। उन्होंने चाइल्ड फ्री टोल हेल्पलाइन नम्बर 1098 और 112 के बारे में भी चर्चा की साथ ही कहा कि बच्चों को भी अपने माता-पिता की केयर करनी चाहिए। उन्होंने सोशल मीडिया के बारे में बच्चों को बताते हुए कहा कि जरूरत पडने पर ही इसका प्रयोग करे और माता-पिता की देखरेख में करे। 

साथ ही उन्होंने कहा कि अगर बच्चों को किसी भी प्रकार की लावारिस वस्तु मिलती है या कोई किसी दूसरे बच्चे के साथ अप्रिय घटना की जानकारी सामने आती है तो तुरंत उसे माता-पिता अभिभावक व स्कूल प्रशासन को बताए। गरीब बच्चों को दी जाने वाली स्पॉन्सरशिप स्कीम के बारे में भी चर्चा की गई। उन्हें प्रतिदिन उनके पास कार्यालयों में आ रहे केसों के प्रैक्टिकल अनुभव के आधार पर बच्चों को भिक्षावृत्ति से बचने बाल श्रम से बचाव के बारे में भी बताया। विभाग की कानून में निर्धारित लडकी की उम्र 18 वर्ष व लडके के लिए 21 वर्ष आयु बारे भी चर्चा की गई। इस अवसर पर गांव हमजापुर से जागरूकता कैम्प में पहुंचे समाजसेवी अरताश सिंह थिंद ने भी बच्चों को गांव में बच्चों के लिए हो रही गतिविधियों के बारे में चर्चा की। उन्होंने कहा कि हम गांव में बच्चों के लिए पंचायत के साथ मिलकर भलाई के कार्य करते है और समय-समय पर गांव में महिलाओं व बच्चों के लिए मिलकर काम करते है, जिससे उनका भविष्य सुरक्षित किया जा सके।

इस अवसर पर स्कूल के प्राचार्य, सभी अध्यापकगण व स्कूली बच्चे उपस्थित रहे।