अनाजमंडी में खुलेआम जुआ और शराब का धंधा, पुलिस की चुप्पी पर सवाल

 

सिरसा: हरियाणा पुलिस द्वारा 'सेवा, सुरक्षा, सहयोग' का स्लोगन तो सुना जाता है, लेकिन क्या वास्तव में आम जन को इससे कोई सुरक्षा और सहयोग मिलता है? इसका जवाब सिरसा की अनाजमंडी में बुरी तरह फेल होता नजर आता है, जहां खुलेआम जुआ, सट्टा और शराब का कारोबार चलता है। यह स्थिति इस हद तक बढ़ चुकी है कि जुआरी खुले तौर पर लाखों रुपये हार जीत कर रहे हैं और दिनभर की इस गोरखधंधे के बाद शाम को शराब की बोतलें भी खुल जाती हैं। 

यहां के जुआरी सिर्फ ताश के पत्तों के खेल तक ही सीमित नहीं रहते, बल्कि गालियों और अभद्रता की वजह से माहौल बिगड़ जाता है, जिससे वहां मौजूद हर किसी की सामाजिक प्रतिष्ठा पर आंच आ जाती है।  

गोरखधंधा सुबह 10 बजे से रात तक
अनाजमंडी में जुआ और सट्टे का खेल सुबह 10 बजे से शुरू होता है और रात 10 बजे तक चलता रहता है। इस दौरान पुलिस की पीसीआर गश्त तो करती है, लेकिन इन जुआरों की टोली के पास से गुजरते हुए यह मानो उनके लिए अनदेखा कर देती है। कुछ आढ़ती और व्यापारी जिनके आसपास ये जुआरी होते हैं, वे व्यक्तिगत स्तर पर शिकायत करने का साहस नहीं जुटा पाते। इसी का फायदा उठाकर ये जुआरी खुलेआम अपने धंधे को अंजाम दे रहे हैं। 

इन टोलियों में कुछ लोग तो अनाजमंडी की दुकानों पर काम करते हैं, जबकि अन्य बाहरी क्षेत्र जैसे वाल्मीकि मोहल्ला, जेजे कॉलोनी, गौशाला मोहल्ला आदि से आते हैं। पुलिस कभी-कभी छापेमारी करती है, लेकिन यह सिर्फ कागजी खानापूर्ति तक ही सीमित रहती है। 

ट्रकों की आड़ में अनैतिक गतिविधियाँ
अहम बात यह है कि कई ट्रक संचालक अपने ट्रकों को घरों में खड़ा करने के बजाय अनाजमंडी में ही खड़ा करते हैं। रात के अंधेरे में इन ट्रकों की आड़ में न केवल जुआ, बल्कि अन्य अनैतिक कार्य भी अंजाम दिए जा रहे हैं। लेकिन इस सब के बावजूद कोई भी ठोस कार्रवाई होती हुई नहीं दिखती। 

कई आढ़तियों और दुकानदारों ने इस समस्या को लेकर पुलिस से शिकायत की है, लेकिन वे सामाजिक लज्जा की वजह से किसी तरह की खुलकर आवाज उठाने से कतराते हैं। हालांकि, यह पुलिस प्रशासन की जिम्मेदारी है कि वह इस खुलेआम हो रहे अपराधों पर अंकुश लगाए और इस तरह के अनैतिक कार्यों को रोकने के लिए कड़ी कार्रवाई करे।

पुलिस की जिम्मेदारी पर सवाल
अनाजमंडी में हो रहे जुआ और सट्टे के धंधे को लेकर अब स्थानीय लोगों में नाराजगी बढ़ने लगी है। उनके अनुसार, पुलिस प्रशासन का इस मामले में कोई ठोस कदम नहीं उठाना इस बात को दर्शाता है कि या तो पुलिस प्रशासन इस पर ध्यान नहीं दे रहा, या फिर इसके पीछे कुछ और वजहें हैं। 

इस मामले में पुलिस की चुप्पी और कागजी कार्यवाही की कमी ने सिरसा की अनाजमंडी को जुआ और शराब के कारोबार का अड्डा बना दिया है, जो समाज की सुरक्षा और सामाजिक जिम्मेदारी की अनदेखी कर रहा है।