लघु उद्योग स्थापित करने के लिए पीएमईजीपी व पीएमएफएमई योजनाओं का उठायें लाभ
 

 


सोनीपत, 09 फरवरी।                     उपायुक्त डा. मनोज कुमार ने पीएमईजीपी तथा पीएमएफएमई योजनाओं की जानकारी देते हुए लोगों का आह्वïान किया कि लघु उद्योग स्थापित करने के लिए इन योजनाओं का पूर्ण लाभ उठायें। योजनाओं के तहत सब्सिडी युक्त ऋण प्रदान किया जाता है, जिसकी सहायता से स्व-रोजगार स्थापना की दिशा में सफल कदम बढ़ाये जा सकते हैं।

शुक्रवार को विडियो कान्फ्रेंस के माध्यम से प्राइम मिनिस्टर एंप्लोयमेंट जेनरेशन प्रोग्राम (पीएमईजीपी) और प्राइम मिनिस्टर फूडप्रोसेसिंग माइक्रो एंटरप्राईजिज (पीएमएफएमई) योजनाओं की समीक्षा के लिए गठित स्टेट लेवल मॉनिटरिंग कमेटी की बैठक का आयोजन किया गया, जिसकी अध्यक्षता एमएसएमई (लघु, सूक्ष्म एवं मध्यम उद्योग) के डीजी सीजी रजनी कांतन ने की। बैठक में उन्होंने योजनाओं का अधिकाधिक लाभ लोगों तक पहुंचाने के निर्देश दिए।  उपायुक्त डा. मनोज कुमार ने सभी दिशा-निर्देशों की पूर्ण अनुपालना का भरोसा दिया।

उपायुक्त ने विडियो कान्फ्रेंस के आधार पर मौके पर ही कैंप कार्यालय में संबंधित अधिकारियों की बैठक लेते हुए विस्तार से जिला स्तर पर योजनाओं की समीक्षा की। उन्होंने बताया कि पीएमएफएमई के अंतर्गत दस लाख रुपये तक का सब्सिडी युक्त ऋण प्रदान किया जाता है। फूड प्रोसेसिंग के क्षेत्र में यहां अपार संभावनाएं हैं। इस क्षेत्र में स्वरोजगार के लिए युवाओं को आगे आना चाहिए। योजना का फायदा उठाकर युवाओं को अपनी इकाई स्थापित करते हुए अपने उज्ज्वल भविष्य का निर्माण करना चाहिए।

उपायुक्त डा. मनोज कुमार ने कहा कि एमएसएमई के  माध्यम से इन योजनाओं के तहत भेजे जाने वाले ऋण आवेदनों को बैंक प्राथमिकता के आधार पर स्वीकृत करेंं। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को भी निर्देश दिए कि वे इन योजनाओं के प्रति जागरूकता की अलख जगायें। योजनाओं का अधिकाधिक प्रचार-प्रसार करें ताकि युवा इनका लाभ उठाने के लिए आगे आयें। इसके लिए कैंप लगाकर भी जागरूक करें।
बैठक में अतिरिक्त उपायुक्त अंकिता चौधरी, लीड बैंक मैनेजर मनोज सेठी, मुकेश कुमार आदि अधिकारी-कर्मचारी मौजूद थे।