इसलिए प्रधानमंत्री मोदी व केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल के भरोसेमंद हैं नायब सैनी
 

 

खास बात यह है कि नायब सिंह सैनी को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एवं केंद्रीय ऊर्जा एवं शहरी विकास मंत्री मनोहर लाल का भरोसेमंद माना जाता है। सैनी साल 1990 में भाजपा में सक्रिय हुए थे। वे मनोहर लाल खट्टर के संपर्क में आए। मनोहर लाल खट्टर 1996 में प्रदेश भाजपा में संगठन महामंत्री थे। उसी दौरान सैनी उनके कम्प्यूटर ऑप्रेटर के रूप में काम देखने लगे। वे विभिन्न सूचियों का ब्यौरा टाइप करते थे। उनके पास रहने को ठिकाना नहीं था और तब पार्टी कार्यालय में एक कमरा मनोहर लाल ने उन्हें दिलवाया। जब मनोहर लाल प्रचार करने के लिए जाते थे तो कभी-कभार नायब सिंह सैनी उनकी गाड़ी भी ड्राइव करते थे।

2014 में सैनी पहली बार नारायणगढ़ से विधायक निर्वाचित हुए और बाद में मंत्रिमंडल विस्तार के बाद सैनी को राज्य मंत्री बनाया गया। 2019 में सैनी कुरुक्षेत्र से सांसद निर्वाचित हुए और अक्तूबर 2023 में उन्हें भाजपा का प्रदेशाध्यक्ष नियुक्त किया गया। 12 मार्च को भाजपा शीर्ष नेतृत्व ने एक बड़ा बदलाव करते हुए मनोहर लाल खट्टर की जगह नायब सिंह सैनी को मुख्यमंत्री बनाया। मुख्यमंत्री के अपने पहले अल्प कार्यकाल में ही अपनी सकारात्मक कार्यशैली से उन्होंने हाईकमान का भरोसा जीता और यही वजह है कि विधानसभा चुनाव के लिए भाजपा नेतृत्व ने सैनी को ही मुख्यमंत्री का चेहरा घोषित किया।

भाजपा ने 39.90 प्रतिशत वोट के साथ चुनाव में 48 सीटों पर जीत हासिल की और फिर 16 अक्तूबर को विधायक दल की बैठक में केंद्रीय गृह मंत्री एवं चुनाव पर्यवेक्षक अमित शाह ने सैनी को विधायक दल का नेता घोषित कर दिया था। सैनी ने 17 अक्तूबर को दूसरी बार मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ली और अब मुख्यमंत्री बनने के बाद वे लगातार जनहित में नई-नई घोषणाओं को लागू कर रहे हैं।