स्कूल लगाने की बजाय परिवहन व्यवस्था पर ध्यान देते तो शायद हादसा टल जाता: वरुण छाबड़ा
 

Had we paid attention to transport system instead of setting up schools, perhaps the accident would have been averted: Varun Chhabra
 
वरुण छाबड़ा
सिरसा। स्कूल पैरेंट्स एसोसिएशन ने हरियाणा के महेंद्रगढ़ में ईद की सरकारी छुट्टी वाले दिन गैरकानूनी रूप से स्कूल में बुलाए गए बच्चों की स्कूल जाते समय हादसे में 5 मासूम बच्चों की हुई मौत पर शोक व्यक्त करते हुए इसको अभिववक-प्रशासन और स्कूल प्रबंधकों के लिए बड़ी चिंता का विषय बताया। एसोसिएशन के सदस्यों वरुण छाबड़ा, चिक्की मेहता, जोनीपाल सोनी, राजेश अरोड़ा, मनोज ईगल, दीपक गांधी आदि ने बताया कि सिरसा में भी अक्सर राजकीय अवकाश के दिन स्कूल खुले रहते हैं। आज ईद के दिन भी कई स्कूल खुले होंगे। महेंद्रगढ़ हादसे में स्कूल बस की फिटनेस और ड्राइवर के शराब पिए होने की बात सामने आई है, जोकि घोर निंदनीय है। स्कूल विद्या के मंदिर होते हैं और घर के बाद सबसे अधिक समय बच्चे स्कूलों में ही व्यतीत करते हैं। इसलिए सभी स्कूल संचालकों को बच्चों की सुरक्षा और सरकारी नियमों का पालन करना चाहिए। वैसे तो हादसा कभी भी हो सकता है, लेकिन राष्ट्रीय अवकाश के दिन स्कूल लगाने की जगह अगर उन दिनों में स्कूल प्रबंधन अपनी ट्रांसपोर्ट सुविधा की देख परख करते और जरूरत अनुसार अन्य सुविधाओं को दुरुस्त करने का प्रयास करे तो शायद किसी घर का चिराग आज न बुझता। सरकारी स्कूलों की नि:शुल्क शिक्षा को छोड़ कर हजारों रुपए मासिक फीस भर कर अभिवावक बच्चों को प्राइवेट स्कूलों में भेजते हैं। फिर भी ऐसी छोटी-छोटी लापरवाही से बड़ा नुकसान हो जाता है। हालांकि अभिवावक हर तरह से स्कूल और जिला प्रशासन को सहयोग देने की लिए हर समय तैयार रहते हैं, लेकिन जिनकी जिम्मेवारी है उनको भी लापरवाही नहीं करनी चाहिए। सिरसा में भी पैरेंट्स एसोसिएशन पिछले कई समय से ऐसी बसों में ड्राइवर के साथ अटेंडेंट जरूरी करने, बसों में कैमरे लगवाने और बसों और अन्य साधनों की फिटनेस पर ध्यान देने के लिए सकूल प्रबंधकों को अनुरोध करता आ रही है, लेकिन प्रशासन का कोई विशेष ध्यान अभी तक इस ओर जाता नजर नहीं आया है। स्कूल प्रबंधन और जिला प्रशासन को इस ओर विशेष ध्यान देना चाहिए, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं से बचा जा सके।