राम मंदिर दान घोटाला मानवीय मूल्यों पर कलंक, दोषियों को किसी कीमत पर न बख्शे अदालत — दीपा शर्मा

दान घोटाले को गंभीर बताते हुए दीपा शर्मा ने दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई और सजा की मांग उठाई
 
राम मंदिर दान घोटाला

राम मंदिर दान घोटाला मानवीय मूल्यों पर कलंक, दोषियों को किसी कीमत पर न बख्शे अदालत — दीपा शर्मा (प्रदेश अध्यक्ष, मानवाधिकार)

अयोध्या के भव्य श्री राम जन्मभूमि मंदिर में श्रद्धालुओं द्वारा चढ़ाए गए दान और चढ़ावे की चोरी मामले में भ्रष्टाचार निवारण अदालत ने सभी आठ आरोपियों की न्यायिक रिमांड 14 दिन और बढ़ाकर 10 अगस्त, 2026 तक जेल में रखने का आदेश दिया है। सुरक्षा कारणों से जिला जेल से सभी आरोपियों की पेशी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए कराई गई थी। इस बेहद संवेदनशील मामले पर कड़ी चिंता जताते हुए मानवाधिकार संगठन की हरियाणा प्रदेश अध्यक्ष और सुप्रसिद्ध सामाजिक कार्यकर्ता दीपा शर्मा ने इसे देश-विदेश के करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था और उनके धार्मिक मानवाधिकारों पर एक बड़ा आघात बताया है।वरिष्ठ सामाजिक कार्यकर्ता दीपा शर्मा ने चंडीगढ़ से जारी अपने आधिकारिक बयान में कहा कि राम मंदिर दुनिया भर के लोगों के समर्पण का केंद्र है, जहां हर नागरिक अपनी गाढ़ी कमाई का अंश अर्पित करता है। ऐसे पवित्र स्थान से दान के पैसों की चोरी करना एक अक्षम्य और गंभीर अपराध है। दीपा शर्मा ने माननीय अदालत से मांग की है कि समाज में एक कड़ा संदेश देने के लिए इन दोषियों को ऐतिहासिक सजा दी जाए। उन्होंने सुप्रीम कोर्ट द्वारा लखनऊ रेंज के आईजी की अध्यक्षता में गठित नई एसआईटी (SIT) जांच और फॉरेंसिक ऑडिट की तैनाती का स्वागत करते हुए कहा कि इस महा-चोरी के पीछे शामिल बैंक व ट्रस्ट के हर संदेहास्पद कर्मचारी और मुख्य आरोपियों द्वारा बनाई गई बेनामी संपत्तियों को पूरी तरह बेनकाब किया जाना चाहिए।