सिरसा देश का बहुचर्चित मामला अब माननीय सुप्रीम कोर्ट में पहुंचा।
 

पत्रकार रामचंद्र छत्रपति हत्याकांड मामले में हाईकोर्ट के फैसले के खिलाफ 
 

डेरा सच्चा सौदा सिरसा के प्रमुख गुरमीत सिंह की अपील पर सुनवाई से अपने को अलग करते हुए मामला कार्यवाहक चीफ जस्टिस को भेज दिया है।

चंडीगढ़ हाई कोर्ट की जस्टिस सुखविंदर कौर ने साध्वी यौन शोषण मामले में सजा के खिलाफ डेरा सच्चा सौदा सिरसा के प्रमुख गुरमीत सिंह की अपील पर सुनवाई से अपने को अलग करते हुए मामला कार्यवाहक चीफ जस्टिस को भेज दिया है।

उन्होंने आग्रह किया कि इस मामले को ऐसी किसी अन्य पीठ के समक्ष सूचीबद्ध किया जाए, जिसके सदस्य के रूप में जस्टिस सुखविंदर कौर सम्मिलित न हों।

दरअसल, यह मामला जस्टिस विनोद एस भारद्वाज व जस्टिस सुखविंदर कौर के पास सूचीबद्ध था और दिन से इस मामले पर यह बेंच सुनवाई कर रही थी।

कोर्ट के आदेश पर डेरा प्रमुख का कस्टडी सर्टिफिकेट भी कोर्ट में पेश किया था जिसे कोर्ट ने रिकॉर्ड पर ले लिया। कार्यवाहक चीफ जस्टिस तय करेंगे की इस मामले की सुनवाई कौन सी पीठ करेगी।

इससे पहले की बहस में डेरा प्रमुख के वकील ने अदालत के समक्ष दलील दी कि कथित घटनाएं 1999 की बताई गईं, लेकिन पहली बार दुष्कर्म का आरोप 2006 में सामने आया, जबकि 2002 से 2005 तक

दिए गए कई बयानों में ऐसा कोई आरोप नहीं था।