99 करोड़ के कथित गबन और 306 ग्राम नशीले पदार्थ के मामले में मुख्य आरोपी हरभजन सिंह गिरफ्तारक्राइम ब्रांच-26 की कार्रवाई, पुलिस रिमांड खत्म होने के बाद आरोपी को दोबारा अदालत में किया पेश
पंचकूला/जीरकपुर। जीरकपुर-पंचकूला क्षेत्र से जुड़े कथित 99 करोड़ रुपए के गबन और 306 ग्राम नशीले पदार्थ की बरामदगी के मामले में पंचकूला पुलिस की क्राइम ब्रांच-26 ने मुख्य आरोपी हरभजन सिंह को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार, आरोपी को नशीले पदार्थ के साथ गिरफ्तार किया गया था। इसके बाद उसे अदालत में पेश कर पुलिस रिमांड हासिल किया गया। रिमांड अवधि पूरी होने के बाद आरोपी को दोबारा अदालत में पेश किया गया।
पुलिस जांच में यह मामला केवल नशे की बरामदगी तक सीमित नहीं माना जा रहा, बल्कि कथित करोड़ों रुपए के वित्तीय गबन और उससे जुड़े आपराधिक नेटवर्क के पहलुओं की भी जांच की जा रही है। जांच एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि कथित तौर पर गबन की गई रकम कहां-कहां ट्रांसफर की गई और इसका इस्तेमाल किन गतिविधियों में किया गया।
कई लोगों के खिलाफ जांच का दावा
मामले से जुड़े सूत्रों और उपलब्ध जांच संबंधी जानकारियों के अनुसार, कथित वित्तीय अनियमितताओं के मामले में बैंक अधिकारियों, निजी फाइनेंसरों और अन्य लोगों की भूमिका भी जांच के दायरे में बताई जा रही है। आरोप है कि सरकारी विभागों से संबंधित जाली दस्तावेजों और फर्जी बैंक खातों के माध्यम से धनराशि के लेन-देन को अंजाम दिया गया।
जांच में कोटक महिंद्रा बैंक के पूर्व अधिकारी दिलीप कुमार राघव सहित कुछ अन्य लोगों की भूमिका की भी जांच किए जाने की बात सामने आई है। इसके अलावा पूर्व वरिष्ठ लेखा अधिकारी विकास कौशिक, राजत डहरा, स्वाति तोमर और कपिल कुमार समेत अन्य नाम भी मामले से जुड़े बताए जा रहे हैं। आरोप है कि कथित तौर पर गबन की गई राशि का कुछ हिस्सा विभिन्न खातों में ट्रांसफर किया गया।
गबन की रकम और नशे के नेटवर्क का कनेक्शन खंगाल रही एजेंसियां
जांच एजेंसियां अब आरोपी हरभजन सिंह के कथित बैकवर्ड और फॉरवर्ड लिंकेज की जांच कर रही हैं। इसका उद्देश्य यह पता लगाना है कि कथित तौर पर गबन की गई 99 करोड़ रुपए की राशि का वास्तविक उपयोग कहां हुआ और क्या इस रकम का किसी बड़े नशा तस्करी नेटवर्क से संबंध है।
मामले में केंद्रीय जांच एजेंसियों और राज्य की जांच एजेंसियों द्वारा की जा रही कार्रवाई के पहलुओं को भी खंगाला जा रहा है। हालांकि, जांच पूरी होने के बाद ही कथित वित्तीय गबन, नशा तस्करी और दोनों मामलों के बीच संभावित संबंधों को लेकर स्थिति पूरी तरह स्पष्ट हो सकेगी।
पुलिस का कहना है कि मामले की जांच जारी है और जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।