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जलभराव से प्रभावित गावों को मिलेंगीं जेसीबी मशीनें ! पानी निकासी के लिए बनेंगें तालाब और टैंक !

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उन्होंने कहा कि रिहायशी इलाकों को बचाना सबसे पहले प्राथमिकता है।

HARDUM HARYANA NEWS

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भिवानी, 10 सितम्बर।

भिवानी-महेंद्रगढ़ लोकसभा क्षेत्र से सांसद चौ.धर्मबीर सिंह ने लघु सचिवालय स्थित डीआरडीए सभागार में डीसी साहिल गुप्ता व अन्य जिलाधिकारियों के साथ जिला के विभिन्न गांवों में जलभराव और पानी निकासी कार्यों के कार्यों की समीक्षा की। उन्होंने निर्देश देते हुए कहा कि जलभराव से सबसे अधिक प्रभावित गावों में एक-एक जेसीबी मशीन मुहैया करवाई जाए ताकि वहां पर पानी निकासी में ग्रामीणों को बांध बनाने या तालाबों की खुदाई कार्य आदि में सुविधा हो सके। इसके लिए जल्द से जल्द टेंडर आदि की प्रक्रिया पूरी की जाए।

सांसद चौ.धर्मबीर सिंह ने जनस्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग को निर्देश दिए कि नागरिकों को स्वच्छ पेयजल मुहैया करवाया जाए। सांसद ने सिंचाई, जनस्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग और पंचायती राज विभाग के अधिकारियों को बारिश के पानी को निकालने के उपयुक्त जगहों पर बड़े तालाब या टैंक आदि खुदवाने के निर्देश दिए, जिनमें पाइप लाइन से पानी डाला जा सके। उन्होंने कहा कि रिहायशी इलाकों को बचाना सबसे पहले प्राथमिकता है।

उन्होंने कहा कि वर्ष 1995 के बाद अब करीब 30 साल बाद इतनी अत्यधिक बारिश हुई है, यह सब जलवायु और मानसून की दिशा परिवर्तन का कारण है। समय-समय के साथ-साथ जमीन को जहरीली और रबड़ बना दिया है, जो बारिश को पानी नहीं सोख रही है।

उन्होंने कहा कि बारिश के पानी संचय के प्राकृतिक स्रोत नहीं रहे हैं,यही कारण है कि जलभराव की समस्या हमारे सामने बनी है। लेकिन यह बहुत अच्छी और सराहनीय बात है कि ग्रामीण स्वयं भी पानी निकासी में लगे हैं। उन्होंने कहा कि करीब दो दर्जन से अधिक गांव ऐसे हैं, जहां पर जलभराव से अत्यधिक प्रभावित हैं।

सांसद ने कहा कि भविष्य के मद्देनजर जलभराव वाले इन गांवों में योजना बनाकर फिरनी के तौर पर ही विभिन्न वित्त योजनाओं के माध्यम से रिंग बांध बनाने का कार्य करवाया जाएगा। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार बारिश के पानी निकासी को लेकर गंभीर है। सरकार द्वारा बारिश से फसलों व मकानों आदि में हुए नुकसान को लेकर मुआवजा राशि प्रदान करने की बात कही गई है। मुख्यमंत्री से मुआवजा राशि बढाने के लिए मुख्यमंत्री से बात की जाएगी।

उन्होंने स्वास्थ्य विभाग को निर्देश दिए कि जैसे-जैसे बारिश के पानी की निकासी होती जाएगी, वैसे-वैसे बीमारियों का प्रकोप भी बढ़ता जाएगा, ऐसे में अभी से ऐतिहासिक कदम उठाए जाएं। उन्होंने कहा कि नागरिकों का बीमारियों से बचाव जरूरी है। इसके साथ ही सांसद ने जनस्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग को निर्देश दिए कि नागरिकों को पीने के लिए स्वच्छ पानी मुहैया करवाया जाए। जलघरों में बारिश का पानी न जाने दिया जाए। पानी में पर्याप्त मात्रा में क्लोरीन डाला जाए। इसके साथ ही सांसद ने रोहतक गेट क्षेत्र में सीवरेज सिस्टम को दुरूस्त करने को लेकर करीब चार-पांच साल पहले बनाई गई योजनानुसार ओपन ड्रेन बनाने और एमसी कॉलोनी क्षेत्र में रोहतक रोड़ पर खाली जगह पर डिस्पोजल का निर्माण करवाने बारे अधिकारियों को निर्देश दिए।

सांसद ने सिंचाई, जनस्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग और पंचायती राज विभाग के अधिकारियों से बारिश से प्रभावित गांवों की स्थिति और विभिन्न ड्रेन में पानी की क्षमता तथा फिलहाल उनके चल रहे पानी के बारे में विस्तार से जानकारी ली।

समीक्षा बैठक के दौरान सांसद ने कामरेड ओमप्रकाश को फोन कर बैठक में बुलाया और गांवों से पानी निकासी बारे सुझाव मांगे। कामरेड ने फिलहाल बारिश के पानी को रेतीले इलाकों में निकालने की व्यवस्था करने तथा भविष्य के लिए ड्रेन की क्षमता बढ़ाने का सुझाव दिया। उन्होंने फसल मुआवजा राशि बढाने की मांग की,जिस पर सांसद ने कहा कि इस बारे में चंडीगढ उनकी बात हो रही हैं।

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