PM किसान सम्मान निधि योजना के तहत 19.94 लाख किसानों को मिले 4957 करोड़ रुपये
फतेहाबाद, 7 फरवरी। किसानों व पशुपालकों के उत्थान के लिए केंद्र व प्रदेश सरकार ने विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं को लागू किया है। किसान लागू की गई योजनाओं की जानकारी प्राप्त करके ज्यादा से ज्यादा लाभ उठाये। यह आह्वान उपायुक्त अजय सिंह तोमर ने बुधवार को जिला के किसानों व पशुपालकों से किया। उन्होंने कहा कि एमएसपी पर 14 फसलों की खरीद करने वाला हरियाणा देश का पहला राज्य है।
उपायुक्त श्री तोमर ने बताया कि प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के तहत 19.94 लाख किसानों को 4957 करोड़ रुपये की राशि दी गई है। प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के अंतर्गत 29.45 लाख किसानों को उनकी फसल खराब होने पर लगभग 7656 करोड़ रुपये के क्लेम दिये गये। मेरी फसल मेरा ब्योरा पोर्टल पर पंजीकृत 12 लाख किसानों के खातों में पिछले 7 सीजन में सीधे 88 हजार करोड़ रुपये की राशि डाली गई है। मेरा पानी-मेरी विरासत योजना के तहत 71 हजार एकड़ क्षेत्र में धान की जगह वैकल्पिक फसले बोने पर 7000 रुपये प्रति एकड़ की दर से लगभग 118 करोड़ रुपये की वितीय सहायता दी गई है। उन्होंने बताया कि राज्य में 17 नई स्थायी मृदा एवं जल परीक्षण तथा राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालयों एवं राजकीय महाविद्यालयों में 240 लघु मृदा परीक्षण प्रयोगशालाएं स्थापित की गई। भावातंर भरपाई योजना के अंतर्गत बाजरा किसानों के बैंक खातों में 717 करोड़ रुपये की राशि सीधे ही डाली गई है। गन्ने का भाव 310 रुपये से बढ़ाकर 386 रुपये प्रति क्विंटल किया गया है। प्राकृतिक खेती योजना के तहत पोर्टल पर 11043 किसान पंजीकृत हुए है। सरकार ने गुरूकुल-कुरूक्षेत्र, घरौंडा-करनाल, हमेटी-जींद तथा मंगियाना-सिरसा में प्राकृतिक ख्ेाती प्रशिक्षण केंद्र खोले गये।
उन्होंने बताया कि प्राकृतिक आपदा से फसल नष्ट होने पर अब तक वर्तमान सरकार में 11 हजार करोड़ रुपये किसानों को मुआवजा के रूप में दिए गए है। अक्टूबर 2023 से प्राकृतिक आपदा से फसल नष्ट होने पर 15 हजार रुपये प्रति एकड़ दिए गए है। वर्ष 2022-23 में 1097 ग्राम प्रतिदिन प्रति व्यक्ति दुग्ध उपलब्धता है। पंजीकृत दूधारू पशु की मृत्यु होने पर एक लाख रुपये तक की वित्तीय सहायता दी गई है। उपायुक्त ने बताया कि किसानों को फव्वारा सिंचाई संयंत्र पर 85 प्रतिशत अनुदान दिया जा रहा है। 426636 हैक्टेयर सूक्ष्म सिंचाई के अंतर्गत क्षेत्र है। प्राकृतिक आपदा से मानव मृत्यु होने पर 4 लाख रुपये की राहत राशि दिए जाने का प्रावधान है। इसी प्रकार से प्राकृतिक आपदा से पशुधन की मृत्यु पर 37 हजार 500 रुपये की राहत राशि, बैंकों से किसानों के लेनदेन पर 100 रुपये स्टांप फीस निर्धारित है। इसके साथ ही 319 मिट्टी, जल, पेस्टीसाइड एवं फर्टीलाइजर परीक्षण प्रयोगशालाएं स्थापित की गई है। किसानों को बायोगैस प्लांट लगाने पर 29250 रुपये तक का अनुदान दिया जा रहा है। दो लाख मीट्रिक टन में मत्स्य उत्पादन किया जा रहा है।
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