मौसम का बदला मिजाज ! इन इलाकों में होगी भारी बारिश, मौसम अलर्ट
IMD का बड़ा अलर्ट: सितंबर में भारी बारिश की संभावना
भारत में मौसम के पूर्वानुमान में अब विज्ञान के साथ प्राचीन ज्योतिष शास्त्र का अध्ययन भी शामिल किया जाएगा। इस संबंध में सीएसए कानपुर के कृषि मौसम वैज्ञानिक डॉ. एसएन सुनील पांडे ने जानकारी दी है कि पुराने पद्धतियों के साथ-साथ वैज्ञानिक आंकड़ों का मिलान किया जाएगा ताकि मौसम की भविष्यवाणी अधिक सटीक हो सके।
मौसम की भविष्यवाणी और ज्योतिष
ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, सितंबर माह में अच्छी बारिश का योग बना हुआ है, खासकर 'हस्त नक्षत्र' (हथिया) के चलते। इस नक्षत्र के दौरान भारी बारिश की संभावना है, जो 27 सितंबर से शुरू हो सकती है।
तूफानी हवाओं का खतरा
इस समय तूफानी हवाएं चलने की संभावना है, जो जंगलों, पेड़ों और मकानों को क्षति पहुंचा सकती हैं। डॉ. पांडे ने बताया कि वर्षा का मुख्य आधार जल स्तंभ है और इसे आकृष्ट करने के लिए यज्ञ का महत्व है।
बारिश करने वाले प्रमुख नक्षत्र
ज्योतिष विज्ञानियों ने कई नक्षत्रों को वर्षा से जोड़ा है, जिनमें शामिल हैं:
- आर्द्रा
- पुनर्वसु
- पुष्य
- आश्लेषा
- मघा
- पूर्वाफाल्गुनी
- उत्तराफाल्गुनी
- हस्त
- चित्रा
ये नक्षत्र बारिश की प्रक्रिया को प्रभावित करते हैं।
वर्षा की अवधि
वर्षा कब तक जारी रहेगी, यह इस बात पर निर्भर करता है कि सूर्य और गुरु एक राशि में हैं या नहीं। जब तक ये दोनों ग्रह एक राशि में रहेंगे, तब तक बारिश जारी रहने की संभावना है।
इस समय मौसम की दृष्टि से स्थिति को ध्यान में रखते हुए, सभी लोगों को सतर्क रहना चाहिए। बारिश और तूफानी हवाओं की संभावना के चलते सुरक्षा उपायों को अपनाना आवश्यक है।
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