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किसी भी तरह की साईबर ठगी होने पर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर तुंरत करें शिकायत

साईबर

भिवानी, 06 फरवरी। डीसी नरेश नरवाल ने नागरिकों से आह्वïान करते हुए कहा है कि डिजिटल युग में जागरूकता ही बचाव का साधन है। आधुनिकता के बढ़ते चलन के साथ-साथ साईबर क्राईम भी बढ़ाता ही जा रहा है, इससे सावधानी व सर्तकता से ही बचाव हो सकता है। व्यक्तियों के साथ-साथ डिजिटलता से बच्चे भी अछुते नहीं है। इसीलिए हमें सबसे पहले साईबर क्राईम से बच्चों को जागरूक करना है और किसी भी तरह की साईबर ठगी होने पर तुंरत साईबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर कॉल करके शिकायत कर सकते हैं।

अभिभावक बच्चों को ऑनलाइन सुरक्षित रखने के लिए क्या करे:
डीसी नरेश नरवाल ने बताया कि आपनी व्यक्तिगत जानकारी जैसे कि अपना पता, फोन नंबर, पासवर्ड, ईमेल आदि जानकारी किसी भी अनजान व्यक्ति से साझा न करें। यदि आपके साथ कोई भी व्यक्ति ऑनलाइन माध्यम से असभ्य या आक्रामक होने की कोशिश करे तो चुप ना रहें। ऐसे व्यक्ति को जल्द से जल्द ऑनलाइन ब्लॉक करें और उसकी प्रोफाइल रिपोर्ट करें। ऑनलाइन माध्यम से किसी भी व्यक्ति के साथ कोई भी अनुचित तस्वीर साझा न करें। किसी भी तस्वीर के साथ अपनी लोकेशन जैसे की स्कूल का नाम, घर का पता आदि या व्यक्तिगत जानकारी को कभी भी ऑनलाईन शेयर न करें।

उन्होंने कहा कि अनजान लोगों के ईमेल या अटैचमेंट न खोलें ऐसे अटैचमेंट या ईमेल स्पैम हो सकते हैं, जिसमें किसी प्रकार की अश्लील व अवैध जानकारी भी हो सकती है। याद रखें कि आप जिन स्थानों पर रोजाना जाते हैं, वहां की जानकारी किसी को ऑनलाइन माध्यम से सांझा न करें। उन लोगों के साथ ऑनलाइन ‘मित्र‘ न बनें जिन्हें आप व्यक्तिगत रूप से नहीं जानते हैं। ऑनलाइन अजनबी असल जिन्दगी के अनजान व्यक्ति से भी अधिक खतरनाक हो सकता है। ऐसे व्यक्ति जिससे आप ऑनलाइन माध्यम से मिले हो उससे व्यक्तिगत रूप से मिलने की कभी भी कोशिश न करें। यदि बच्चे अपने किसी ऑनलाईन मित्र से मिलते है तो इसकी जानकारी अपने अभिभावक व स्कूल के टीचर को अवश्य दें। अभिभावक भी अपने बच्चों की ऑनलाईन एक्टिवीटी पर नजर रखें। बच्चे भी अगर ऑनलाइन ऐसा कुछ भी देखते हैं या पढ़ते है जो आपको चिंतित करता है, आपको असुरक्षित या असहज महसूस कराता है, उसकी सूचना अपने माता-पिता या जिसपर आप अधिक भरोसा करते हो को जरूर दें।

बॉक्स
चाईल्ड हैल्प लाईन 1098 और पुलिस हैल्प लाईन 112 पर भी दे सकते हैं शिकायत  
डीसी श्री नरवाल ने कहा कि अपनी ऑनलाइन प्रतिष्ठा को हानि न होने दें। ऐसी सेवाओं का उपयोग करें जो आपको ऑनलाइन सुरक्षित रख सकें और ऑनलाइन माध्यम में आपकी डिजिटल निशानियों (जिन जिन साइट्स में आप विजिट करते हैं, को सुरक्षित रख सके। कुछ भी पोस्ट करने से पहले कृपया दो बार सोचें। अपनी मदद के स्रोत से अनजान न रहे।

उन्होंने बताया कि जिस भी ऑनलाइन माध्यम या वेबसाइट का आप इस्तेमाल करते है, उसकी पूरी जानकारी रखें और किसी भी तरह का दुव्र्यवहार न सहे। जरूरत पडऩे पर ऑनलाइन मदद के लिए अपने माता-पिता, शिक्षक, परामर्शदाता, चाइल्ड हैल्प लाइन या पुलिस को सूचित करें। उन्होंने बताया कि बच्चों के लिए टोल फ्री हेल्पलाइन की चाईल्ड लाइन 1098 पर कॉल किया जा सकता है। इसके अलावा पुलिस हैल्प लाईन नंबर 112 पर भी शिकायत कर सकते हैं। साईबर क्राईम की तत्काल रिपोर्टिंग के लिए एनसीपीसीआर के पीओसीएसओ ई- बॉक्स में शिकायत दर्ज कर सकते हैं।

उन्होंने कहा कि गैरकानूनी या अवैध कार्यों में शामिल न हो। विश्वसनीय सेवाओं का उपयोग करें और जानें कि कैसे कानूनी रूप से आप संगीत फिल्म और टीवी का उपयोग कर सकते है। विभिन्न ऑनलाइन माध्यम में इस्तेमाल होने वाला आपका पासवर्ड एक न हो। अपने कंप्यूटर को नियमित रूप से अपडेट करना न भूलें ताकि खुद को स्कैमर और हैकर्स से बचा जा सकें

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