तीनों लालों के नाम राजनीति में ये हैं 3 खास रिकॉर्ड
हरियाणा में लालों की एक अपनी सियासी परम्परा रही है। इन लालों में शामिल चौ. देवीलाल, चौ. बंसीलाल व चौ. भजनलाल तीनों का ही सियासी सफर दिलचस्प रहा है। देवीलाल दो बार उपप्रधानमंत्री व दो बार मुख्यमंत्री रहे। बंसीलाल चार बार तो भजनलाल तीन बार मुख्यमंत्री बने। कुछ ऐसे रिकॉर्ड इन लालों के नाम जो काफी दिलचस्प है। मसलन देवीलाल ने विधानसभा एवं लोकसभा के कुल 18 चुनाव लड़े और उन्हें 11 में जीत मिली जबकि 7 में हार का सामना करना पड़ा। बंसीलाल ने अपने जीवन में 12 चुनाव लड़े और दो में उन्हें हार का सामना करना पड़ा। भजनलाल ने 13 चुनाव लड़े, जिनमें से उन्हें एक बार हार का सामना करना पड़ा। हरियाणा के लालों का सफर कुछ इस तरह से रहा।
चौ. देवीलाल
देवीलाल पहली बार साल 1952 में सिरसा से विधायक बने। उन्होंने कुल 11 विधानसभा चुनाव लड़े। 8 में जीत दर्ज की तो 3 में हार का सामना करना पड़ा। इसी तरह से देवीलाल ने कुल सात संसदीय क्षेत्रों से चुनाव लड़ा, जिनमें तीन सीटों पर उन्हें जीत मिली जबकि चार बार हार का सामना करना पड़ा। साल 1958 में वे सिरसा से उपचुनाव जीते। 1964 में फतेहाबाद से आजाद विधायक बने। 67 व 71 का विधानसभा चुनाव ही नहीं लड़ा। 1972 में तोशाम एवं आदमपुर से हार गए। 1974 में रोड़ी से उपचुनाव जीता। 1977 में भट्टू से चौधरी देवीलाल विधायक बने और पहली बार मुख्यमंत्री बने। 1982, 1985 एवं 1987 में लगातार तीन बार महम से विधायक रहे। साल 1991 में कांग्रेस के छत्रपाल ङ्क्षसह से वे घिराय विधानसभा क्षेत्र से चुनाव हार गए। देवीलाल साल 1980 में सोनीपत से सांसद बने जबकि 1984 में सोनीपत से चुनाव हार गए। साल 1989 में देवीलाल ने हरियाणा के रोहतक, पंजाब के फिरोजपुर व राजस्थान के सीकर से चुनावी ताल ठोकी। रोहतक व सीकर से चुनाव जीते और फिरोजपुर से चुनाव हार गए। इसके बाद साल 1991, 1996 व 1998 में लगातार तीन बार देवीलाल को रोहतक सीट से कांग्रेस के भूपेंद्र ङ्क्षसह हुड्डा से हार का सामना करना पड़ा।
चौ. बंसीलाल
चौ. बंसीलाल ने अपने जीवन में कुल 12 चुनाव लड़े। एक बार विधानसभा और एक बार लोकसभा चुनाव में बंसीलाल को हार का सामना करना पड़ा। बंसीलाल 1967, 1968 एवं 1972 में तोशाम से विधायक बने। राज्यसभा का सदस्य होने के चलते उन्होंने साल 1977 एवं 1982 का चुनाव नहीं लड़ा। 1986 में वे मुख्यमंत्री बनने के बाद तोशाम उपचुनाव में जीत दर्ज कर विधायक बने। 1987 में चौ. देवीलाल के नेतृत्व में लोकदल की आंधी में बंसीलाल तोशाम में धर्मबीर ङ्क्षसह से हार गए। इसके बाद 1991, 1996 में बंसीलाल तोशाम से जबकि 2000 में भिवानी से विधायक चुने गए। इसके अलावा बंसीलाल साल 1980, 1984 एवं 1989 में लगातार तीन बार भिवानी लोकसभा क्षेत्र से सांसद भी निर्वाचित हुए। एक बार उन्हें भिवानी से चंद्रावती से हार का सामना भी करना पड़ा।
चौ. भजनलाल
अपने 43 वर्ष के सियासी सफर में भजन लाल 3 बार मुख्यमंत्री व 1 बार केंद्रीय मंत्री रहे। जबकि 9 बार विधायक बने और 3 बार लोकसभा सदस्य के साथ साथ एक बार राज्यसभा सदस्य बनने का भी उन्हें अवसर मिला। भजनलाल ने अपने जीवन में कुल 13 चुनाव लड़े और उन्हें एक चुनाव में हार का सामना करना पड़ा। साल 1999 में करनाल से हुए चुनाव में भजनलाल कांग्रेस के उम्मीदवार थे और उन्हें भाजपा के आई.डी. स्वामी से हार का सामना करना पड़ा। भजनलाल 1968, 1972, 1977, 1982, 1991, 1996, 2000 व 2005 में आदमपुर से कांग्रेस टिकट पर विधायक निर्वाचित हुए। 2008 में आदमपुर में हुए उपचुनाव में भी भजन लाल विधायक निर्वाचित हुए। साल 1989 में वे फरीदाबाद से जबकि 1998 में करनाल से संसद बने। साल 1999 में उन्हें करनाल से हार का सामना करना पड़ा जबकि साल 2009 में वे हिसार से सांसद निर्वाचित हुए।
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