मुंबई की तर्ज पर विकसित होगा हरियाणा का यह शहर, बनेगी फिल्म सिटी
हिमालय की वादियों के साथ सटे पंचकूला एक आधुनिक और विकसित शहर बनाने के लिए मुख्यमंत्री मनोहर लाल अनेक पहलकदमियां कर रहे हैं। हरियाणा सरकार का लक्ष्य पंचकूला को गुरुग्राम और फरीदाबाद जैसे महानगरों की तर्ज पर विकसित करने का है। इसके साथ ही हरियाणा सरकार चाहती है कि चंडीगढ़ के साथ सटा पंचकूला भी पंजाब की मोहाली की तरह एक विकसित सिटी बने। इसको लेकर सरकार लगातार प्रयास कर रही है।
पंचकूला को मैडीकल और शिक्षा का हब बनाया जाएगा। बेशुमार कारखाने लगेंगे तो 60 एकड़ में फिल्म सिटी बनाया जाएगा। सडक़ों का जाल बिछाकर पंचकूला को एयरपोर्ट से जोड़ा जाएगा। फूड एंड ड्रग टैस्टिंग लैब भी स्थापित की जाएगी। पंचकूला का मोरनी हिल्स हरियाणा का इकलौता पहाड़ी इलाका है। मोरनी हिल्स में पर्यटन की तमाम संभावनाएं हैं। अब मोरनी हिल्स में पैराग्लाइडिंग शुरू होगी, पैट्रोल पम्प बनेगा, ट्रैकिंग रुट्स शुरू किए जाएंगे। इस कड़ी में बुधवार को मुख्यमंत्री ने पंचकूला एकीकृत विकास योजना के तहत किए जा रहे कार्यों की समीक्षा की।
पंचकूला की विकास योजना के अंतर्गत मोरनी क्षेत्र में पंचकूला से मंधाना, मंधाना से मोरनी, मोरनी से टिक्कर ताल और टिक्कर ताल से रायपुररानी तक के सडक़ मार्ग को चौड़ाकरण और सौंदर्यीकरण का कार्य जल्द पूरा किए जाने के निर्देश दिए गए हैं। इसके अलावा रामगढ़ से हिमाचल प्रदेश तक प्रस्तावित सडक़ के निर्माण कार्य को हुई जल्द से जल्द पूरा करने की दिशा में कार्य किया जाए, ताकि पर्यटकों का आवागमन सुगम हो सके। इससमय चंडीगढ़ एयरपोर्ट से पंचकूला की सीधी कनेक्टिविटी का कार्य प्रगति पर है। इसके लिए घग्गर नदी पर पुल भी निर्माणाधीन है। इसके अलावा, पिंजौर हवाई पट्टी का निर्माण कार्य भी प्रगति पर है। इसके पूरा होने के बाद जल्द ही लोग एयर टैक्सी सेवा का लाभ उठा सकेंगे। मोरनी में पैरासेलिंग, पैरा मोटर्स और जेट स्कूटर जैसी साहसिक गतिविधियों को जल्द शुरू किया जाएगा। स्थानीय बच्चों को नेचर गाइड के तौर पर प्रशिक्षण दिया जाए जिससे एक तरफ इन ट्रैकिंग रूट पर पर्यटकों को फायदा होगा वहीं दूसरी ओर युवाओं को रोजगार के अवसर भी उपलब्ध होंगे।
पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए माउंटेन साइकिल रैली आयोजित किए जाएगी। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि प्रस्तावित फिल्म सिटी के साथ लगते क्षेत्र में एंटरटेनमेंट एरिया भी स्थापित करने की संभावनाएं तलाशी जाएं। इसके अलावा, रेडबिशॉप सेक्टर-1 पंचकूला में पर्यटक सुविधा केंद्र स्थाचपित किया जाए। उन्होंने कहा कि पंचकूला के हरे भरे वातावरण को बढ़ावा देने और इसे संरक्षित करने के लिए नक्षत्र वाटिका, सुगंध वाटिका और राशि वन स्थापित करने के कार्य में तेजी लाई जाए। पंचकूला को मेडिकल हब के रूप में विकसित करने की दिशा में यहां आधुनिक सुविधाओं से युक्त दो बड़े अस्पताल सेक्टर-32 एक्सटैंशन और सेक्टर-5 सी में खोले जाएंगे। थापली में वेलनेस सेंटर और पंचकर्मा केंद्र का संचालन किया जा रहा है। बैठक में यह भी बताया गया कि पंचकूला में एजुकेशन सिटी स्थापित करने के लिए गंभीर प्रयास किये जा रहे हैं।
चंडी मंदिर में इसके लिए जगह चिह्नित कर ली गई है। मोरनी में पेयजल की समस्या पर समीक्षा करते हुए मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को इसका स्थाई समाधान निकालने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि पानी के नए स्त्रोत तैयार करें और उपलब्ध पानी का उचित प्रबंधन किया जाए ताकि सभी क्षेत्रों में पानी की उपलब्धता सुनिश्चित की जा सके। मु यमंत्री को अवगत कराया गया कि घग्गर नदी पर बन रहे डंगराना और दिवानवाला डैम से पानी की उपलब्धता सुनिश्चित की जाएगी। इसके अलावा, मोरनी क्षेत्र में 11 टयूबवेल लगाने का भी प्रस्ताव तैयार किया गया है। साथ ही, माता मनसा देवी मंदिर के पास लगभग 130 एकड़ भूमि पर स्टोरेज टैंक तैयार करने का प्रस्ताव है। गौरतलब है कि पंचकूला हरियाणा के आधुनिक शहरों में शुमार है। 1973 में पंचकूला की स्थापना हुई। इसे हरियाणा का आधुनिक शहर भी कहा जाता है। पंचकूला को जिला बनाया गया था। पंचकूला में पंचकूला के अलावा बरवाला, ङ्क्षपजौर, रायपुररानी और कालका शहर हैं। मोरनी हिल्स भी इसी जिले का हिस्सा है। तमाम तरह के संसाधन और स्थिति होते हुए भी पंचकूला अपेक्षित तरक्की नहीं कर सका है। अब इस शहर को विकसित करने का बीड़ा उठाया है मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर ने।
पंचकूला से पहले हरियाणा में गुरुग्राम और फरीदाबाद में महानगर विकास प्राधिकर हैं। ऐसे में पंचकूला ऐसा तीसरा जिला है जहां पर प्राधिकरण का गठन किया गया है। खुद मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर का मानना है ट्राइसिटी में मोहाली दूसरे नम्बर पर है, अब पंचकूला को आगे बढ़ाना है। पंचकूला के विकास की पहली योजना 1983 में बनाई गई थी। अब पंचकूला के विकास को लेकर हमने 2018 में नई योजना बनानी शुरू की थी। अब नई योजना के बाद तो पंचकूला हरियाणा का एक विकसित शहर बन जाएगा। नई योजना के अंतर्गत पर्यटन के नजरिए से मोरनी हिल्स पर खास फोकस किया जाएगा। टिक्करताल से अब दो नई सडक़ें बनाई जाएंगी जो रायपुर रानी में जाकर मिलेगी। इसके साथ ही मोरनी में 10 ट्रैकिंग रुट्स भी जल्द शुरू हो जाएंगे। यात्रियों व पर्यटकों के लिए होमस्टे पॉलिसी भी बनाई जाएगी।
पंचकूला को मैडीकल और शिक्षा हब बनाने के लिए यहां पर कई कारखाने और बड़े शैक्षणिक संस्थान बनाए जाएंगे। पिछले करीब चार दशक से मोरनी में पैट्रोल पम्प बनाने की मांग भी इस योजना के तहत पूरी की जाएगी। थापली में पंचकर्मा केंद्र बनाया जाएगा और पंचकूला के कस्बे बरवाला में फार्मा कलस्टर स्थापित किया जाएगा। चंडीगढ़ के इर्द-गिर्द ङ्क्षरग रोड बनाया जाएगा तो ङ्क्षपजौर में 60 एकड़ में फिल्म सिटी बनाई जाएगी। इसके लिए निफ्ट का भवन तैयार किया जा रहा है। खास पहलू यह है कि पिंजौर में एयरपोर्ट विकसित किया जा रहा है। निश्चित रूप से इस योजना से पंचकूला की तस्वीर और तकदीर दोनों बदल जाएंगी।
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