सिरसा में धूमधाम से निकाली विश्व सम्राट श्री बालाजी महाराज की भव्य एवं अद्भुत शोभायात्रा मुख्य यजमान गोबिंद कांडा ने की ज्योति प्रज्जवलित , शोभायात्रा को दिखाई धर्मध्वजा
सिरसा में धूमधाम से निकाली विश्व सम्राट श्री बालाजी महाराज की भव्य एवं अद्भुत शोभायात्रा मुख्य यजमान गोबिंद कांडा ने की ज्योति प्रज्जवलित , शोभायात्रा को दिखाई धर्मध्वजा
हजारों महिला और पुरूष श्रद्धालु हाथों में धर्म ध्वजा लिए हुए शोभायात्रा में शामिल
जयश्री राम, जय हनुमान, जय श्री बालाजी के जयघोष से गूंजा सिरसा
सिरसा, 20 अपै्रैल। शनिवार को मंगलगान के साथ चार दिवसीय श्री हनुमान जन्मोत्सव कार्यक्रम का आरंभ हुआ। पहले दिन नगर में विश्व सम्राट श्री बालाजी महाराज की भव्य एवं अद्भुत शोभायात्रा का आयोजन किया गया। जिसमें हजारों श्रद्धालुओं ने शिरकत की। शोभायात्रा के दौरान जयश्री राम, जय हनुमान, जय बालाजी के जयघोष ने पूरा आसमान गूंजा दिया। हजारों महिला और पुरूष श्रद्धालु हाथों में धर्म ध्वजा लिए शोभायात्रा में शामिल हुए। शोभायात्रा में भक्ति की ऐसी गंगा बहती रही थी जिसमें श्रद्धालु भक्तिरस में डूबकी लगाते रहें। इस शोभा यात्रा के दौरान प्रस्तुत की गई झांकियां और कलाकारों द्वारा किए गए नृत्य ने सभी को मंत्रमुग्ध कर दिया। नगर में जगह जगह पर शोभायात्रा पर पुष्पवर्षा की गई। विभिन्न धार्मिक और सामाजिक संगठनों ने जगह जगह पर श्रद्धालुओं के लिए प्रसाद और जलपान की व्यवस्था की गई थी। इस शोभायात्रा को सिरसा के विधायक, पूर्व गृहराज्यमंत्री एवं हलोपा सुप्रीमो गोपाल कांडा के अनुज वरिष्ठ भाजपा नेता एवं श्री बाबा तारा जी कुटिया के मुख्य सेवक गोबिंद कांडा ने धर्मध्वजा दिखाकर रवाना किया।
विश्व सम्राट श्री बालाजी महाराज की भव्य एवं अद्भुत शोभायात्रा का शुभारंभ शनिवार दोपहर बाद गोल डिग्गी चौक स्थित महाराजा अग्रसेन स्कू ल परिसर से शुरू हुआ। मुख्य यजमान एवं श्री बाबा तारा जी कु टिया के मुख्य सेवक गोबिंद कांडा ने ज्योति प्रज्जवलित की। उन्होंने विधिविधान के साथ पूजा अर्चना की। महाराजा अग्रसेन चेरिटेबल ट्रस्ट के प्रधान अनिल गनेरीवाला और उप प्रधान भीम सर्राफ की गरिमामयी उपस्थित में श्री बालाजी महाराज का रजतमयी छत्र पूजन किया गया। ट्रस्ट के महासचिव कुंज बिहारी सर्राफ ने भ्ह बालाजी महाराज की रजतमयी ध्वजा का पूजन किया। इस शोभायात्रा का आयोजन श्रीराम नाम प्रभात चेरिटेबल ट्रस्ट सिरसा की ओर से किया गया।
महाराजा अग्रसेन स्कूल से शुरू हुई यह शोभायात्रा श्री सालासर धाम मंदिर में जाकर संपन्न हुई। शोभा यात्रा में हजारों महिला-पुरुष श्रद्धालु हाथों में धर्म ध्वजा उठाए हुए थे। शोभा यात्रा शहर के विभिन्न चौकों से होती हुई श्री सालासर धाम मंदिर में जाकर संपन्न होगी।
शोभा यात्रा के दौरान महिला कलाकार ने नंगे पांव तलवार पर खड़ा होकर सिर पर मटकी रखकर मनमोहक नृत्य की प्रस्तुति दी, जिसे उपस्थित श्रद्धालुओं ने जमकर सराहा। शोभा यात्रा की अगुवाई गोपाल सर्राफ, अश्वनी राठी संरक्षक, महासचिच राधेश्याम झूंथरा, कृष्ण कुमार गोयल कोषाध्यक्ष, सत्यप्रकाश गोयल, राजकुमार गोयल चिडावावाले, अमित बांसल, पुरूषोत्तमदास, सुभाष मोगा, शिवशंकर गोयल, कैलाश सिघांची, भागीरथ गुप्ता एडवोकेट, संजीव जैन एडवोकेट, प्राचार्या जपनीत कौर, नंद किशोर लढ़ा, संजय गोयल एडवोकेट, राजेंद्र गनेरीवाला, मनमोहन गोयल, संजय साहुवाला, अरविंद बांसल, गौरव गोयल, अनिल सर्राफ, जगदीश फुटेला, प्रदीप गुप्ता, विजय चौधरी, महेश ममेरीवाला, गोपाल कृष्ण चिडावावाले, राजकुमार शर्मा, अश्वनी बांसल, सोनिया शर्मा अजय खुराना, नरेंद्र कटारिया, विधायक के पीए हरिप्रकाश शर्मा, लक्ष्मण गुज्जर, विजय यादव सुशील झूंथरा, दीपक गोपाल गोयल, महेश बंसल आदि कर रहे थे।
सिरसा के दरबार में बनी हनुमान जी की मूर्ति हूबहू श्री सालासर धाम जैसी है।
राजस्थान के चूरू जिला में स्थित श्री सालासर धाम के जैसा मंदिर सिरसा में भी स्थापित है और इस मंदिर का नाम भी श्री सालासर धाम मंदिर है। इस मंदिर की स्थापना सन 2002 में की गई थी। इस मंदिर का दरबार सोने-चांदी और हीरे से जड़ा हुआ है। जिस वक्त मंदिर की स्थापना की गई थी उस समय राजस्थान के चूरू में प्रसिद्ध श्री सालासर धाम से पैदल यात्रा करके यहां ज्योति लाई गई थी। दरबार में बनी हनुमान जी की मूर्ति भी हूबहू श्री सालासर धाम जैसी है। मंदिर की स्थापना के बाद से यहां रोजाना हवन किया जाता है. सुबह 5:15 बजे से रात्रि 9:00 बजे तक पांच बार मंदिर में आरती की जाती है। साल 2002 में मंदिर की स्थापना के बाद से ही जरूरतमंद लोगों के लिए भंडारा भी लगाया जाता है। सिरसा में स्थित इस मंदिर में बाबा के समक्ष मन्नत मांगने के लिए दूर- दराज से आते हैं और ये आस्था है की यहां जो भी सच्चे मन से मन्नत मांगता है उसकी हर मनोकामना पूरी होती है। मन्नत पूरी होने पर यहां पर भी सवामणी का प्रसाद लगाया जाता है।
ज्योति प्रज्वलित होने के बाद दुर होगा विघ्न
सालासर मंदिर की कमेटी के प्रधान गोपाल सर्राफ बताते है की 2002 में तत्कालीन डीसी द्वारा मंदिर के लिए जगह मुहैया करवाई गई थी। प्रधान गोपाल का कहना है कि आज तक मंदिर को चंदे की आवश्यक्ता भी नहीं पड़ी। लोग अपनी श्रद्धा से दान करते हैं और उन्हीं पैसों से मंदिर की देखरेख और गरीबों की सेवा भी की जाती है।
फोटो श्री हनुमान जन्मोत्सव एक से चार तक
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