मुख्यमंत्री बागवानी बीमा योजना में 14 सब्जियों, 5 फलों व 2 मसालों सहित कुल 21 फसलों को किया शामिल
A total of 21 crops including 14 vegetables, 5 fruits and 2 spices are included in the Chief Minister Horticulture Insurance Scheme.
Feb 20, 2024, 17:37 IST
फतेहाबाद, 20 फरवरी। मुख्यमंत्री बागवानी बीमा योजना में 14 सब्जियों, पांच फलों तथा दो मसालों सहित कुल 21 फसलों को शामिल किया गया है। योजना का मुख्य उद्देश्य बागवानी किसानों की आय को बढ़ाने और किसानों की खेती को जोखिम मुक्त खेती करना है। योजना के तहत किसानों की फसलों में प्रतिकूल मौसम व प्राकृतिक आपदाओं से होने वाले नुकसान की भरपाई की जाएगी।
उपायुक्त अजय सिंह तोमर ने यह जानकारी देते हुए बताया कि प्रतिकूल मौसम कारक तथा प्राकृतिक आपदाओं जैसे ओलावृष्टि, तापमान, पाला, जल कारक (बाढ़, बादल फटना, नहर/ड्रैन का टूटना, जलभराव), आंधी तूफान व आग जो फसल नुकसान का कारण बनते हैं, उन्हे इस योजना में शामिल किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि योजना के तहत 21 फसलों को शामिल किया गया है जिसमें 14 सब्जियां (टमाटर, प्याज, आलू, फूल गोभी, मटर गाजर, भिंडी, घीया, करेला, बैंगन, हरी मिर्च, शिमला मिर्च, पत्ता गोभी, मूली) दो मसाले (हल्दी व लहसुन), पांच फल (आम, कीनू, बैर, लीची, अमरूद) शामिल है। योजना उन सभी किसानों के लिए वैकल्पिक तौर पर होगी जो मेरी फसल मेरा ब्योरा के तहत पंजीकृत होंगे। योजना के तहत आश्वस्त राशि (सम एश्योर्ड) सब्जियों व फसलों के लिए 30 हजार रुपये प्रति एकड़ व फसलों के लिए 40 हजार रुपये प्रति एकड़ होगी तथा किसान का योगदान हिस्सा आश्वस्त राशि का केवल 2.5 प्रतिशत होगा जो कि सब्जियों में राशि 750 रुपये प्रति एकड़ होगी व फलों में राशि 1000 रुपये प्रति एकड़ होगी।
उपायुक्त ने बताया कि मुआवजा राशि को चार श्रेणी 25, 50, 75 व 100 फीसदी में बांटा गया है। उन्होंने बताया कि 26 से 50 प्रतिशत के बीच फसल नुकसान की अवस्था में मुआवजा 50 प्रतिशत की दर से सब्जियों/मसालों के लिए 15 हजार रुपये व फलों के लिए 20 हजार रुपये, 51 प्रतिशत से 75 प्रतिशत के बीच नुकसान की अवस्था में मुआवजा 75 प्रतिशत की दर से सब्जियों/मसालों के लिए 22 हजार 500 रुपये व फलों के लिए 30 हजार रुपये तथा 75 प्रतिशत से अधिक नुकसान की अवस्था में मुआवजा 100 प्रतिशत की दर से सब्जियों/मसालों के लिए 30 हजार रुपये व फलों के लिए 40 हजार रुपये दिया जाएगा। मुआवजा राशि सर्वेक्षण पर आधारित होगी। योजना की निगरानी समीक्षा एवं विवादों का समाधान प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत गठित राज्य स्तर व जिला स्तर की समितियों के माध्यम से किया जाएगा।
उपायुक्त अजय सिंह तोमर ने यह जानकारी देते हुए बताया कि प्रतिकूल मौसम कारक तथा प्राकृतिक आपदाओं जैसे ओलावृष्टि, तापमान, पाला, जल कारक (बाढ़, बादल फटना, नहर/ड्रैन का टूटना, जलभराव), आंधी तूफान व आग जो फसल नुकसान का कारण बनते हैं, उन्हे इस योजना में शामिल किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि योजना के तहत 21 फसलों को शामिल किया गया है जिसमें 14 सब्जियां (टमाटर, प्याज, आलू, फूल गोभी, मटर गाजर, भिंडी, घीया, करेला, बैंगन, हरी मिर्च, शिमला मिर्च, पत्ता गोभी, मूली) दो मसाले (हल्दी व लहसुन), पांच फल (आम, कीनू, बैर, लीची, अमरूद) शामिल है। योजना उन सभी किसानों के लिए वैकल्पिक तौर पर होगी जो मेरी फसल मेरा ब्योरा के तहत पंजीकृत होंगे। योजना के तहत आश्वस्त राशि (सम एश्योर्ड) सब्जियों व फसलों के लिए 30 हजार रुपये प्रति एकड़ व फसलों के लिए 40 हजार रुपये प्रति एकड़ होगी तथा किसान का योगदान हिस्सा आश्वस्त राशि का केवल 2.5 प्रतिशत होगा जो कि सब्जियों में राशि 750 रुपये प्रति एकड़ होगी व फलों में राशि 1000 रुपये प्रति एकड़ होगी।
उपायुक्त ने बताया कि मुआवजा राशि को चार श्रेणी 25, 50, 75 व 100 फीसदी में बांटा गया है। उन्होंने बताया कि 26 से 50 प्रतिशत के बीच फसल नुकसान की अवस्था में मुआवजा 50 प्रतिशत की दर से सब्जियों/मसालों के लिए 15 हजार रुपये व फलों के लिए 20 हजार रुपये, 51 प्रतिशत से 75 प्रतिशत के बीच नुकसान की अवस्था में मुआवजा 75 प्रतिशत की दर से सब्जियों/मसालों के लिए 22 हजार 500 रुपये व फलों के लिए 30 हजार रुपये तथा 75 प्रतिशत से अधिक नुकसान की अवस्था में मुआवजा 100 प्रतिशत की दर से सब्जियों/मसालों के लिए 30 हजार रुपये व फलों के लिए 40 हजार रुपये दिया जाएगा। मुआवजा राशि सर्वेक्षण पर आधारित होगी। योजना की निगरानी समीक्षा एवं विवादों का समाधान प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत गठित राज्य स्तर व जिला स्तर की समितियों के माध्यम से किया जाएगा।
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