चैत्र की अमावस्या पर लोदीपुर धाम व जंभ सरोवर पर लगेंगे मेले: बैनीवाल
सिरसा से हजारों श्रद्धालु मेले में करेंगे शिरकत
Apr 6, 2024, 11:36 IST
सिरसा। उत्त्तर प्रदेश के लोदीपुर गुरु जंभेश्वर धाम में चैत्र मास की अमावस्या को विशाल मेला लगेगा।
यह जानकारी देते हुए बिश्रोई सभा सिरसा के कार्यकारिणी व संचालन समिति के सदस्य सुशील बैनीवाल ने बताया कि चैत्र की अमावस्या पर उत्तर प्रदेश में मुरादाबाद के पास लोदीपुर धाम व फलौदी (राजस्थान) के जंभ सरोवर में विशाल मेले लगेंगे। बिश्रोई समाज के अष्ट धामों में से एक धाम उत्तर प्रदेश के मुरादाबाद के पास लोदीपुर धाम में इस वर्ष भी 8 अप्रैल को चैत्र अमावस्या महापर्व का आयोजन होगा। सिरसा से बिश्नोई सभा के प्रधान खेमचंद बैनीवाल, सचिव ओपी बिश्नोई के नेतृत्व में हजारों की संख्या में श्रद्धालु लोदीपुर धाम में शिरकत करेंगे। इसके साथ-साथ देश के अलग-अलग राज्यों से भी लाखों श्रद्धालु मेले में पहुंचेंगे। उन्होंने बताया कि गुरु जांभोजी धाम में 7 अप्रैल को जागरण, प्रवचन व संतगणों का सम्मान होगा। इस दिन दोपहर बाद 3 बजे मुरादाबाद से भव्य शोभायात्रा लोदीपुर धाम तक निकाली जाएगी। उन्होंने बताया कि 8 अप्रैल को प्रात: 7 बजे से यज्ञ एवं तत्पश्चात चरण चिन्ह एवं ज्योति दर्शन तथा पर्यावरण पर संगोठी होगी। पूरा आयोजन बिश्रोई आश्रम हरिद्वार के महंत स्वामी राजेंद्रानंद महाराज के सानिध्य में होगा। इस कार्यक्रम में उत्त्तर प्रदेश भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष चौधरी भूपेंद्र सिंह मुख्यातिथि होंगे, जबकि विशिष्ट अतिथियों में मुरादाबाद के विधायक रितेश गुप्ता, उत्त्तर प्रदेश के विधायक सलील बिश्नोई, पूर्व सांसद कुंवर सर्वेश शामिल रहेंगे। इसके इतिहास के बारे में जानकारी देते हुए उन्होंने बताया कि करीब 540 वर्ष पूर्व गुरू जंभेश्वर भगवान समराथल धोरा राजस्थान से लोदीपुर अपने भक्तों के अनुरोध पर दर्शन देने के पहुंचे थे। गुरुजांभोजी ने निशानी के तौर पर अपनी भक्तिनी सुरजी देवी को खेजड़ी की सूखी लकड़ी दी और उसे जमीन में गाडऩे को कहा। समय के अनुसार लकड़ी हरी होने लगी। इस लकड़ी से पनपा खेजड़ी का वृक्ष आज भी लोदीपुर में मौजूद है। गुरु जांभोजी के पैर भी वहां निशानी के तौर पर मौजूद हंै। इसके बाद में श्रद्धालुओं ने वहां गुरु जंभेश्वर भगवान का मंदिर स्थापित करवाया और लोदीपुर एक धाम के रूप में स्थापित हो गया। इसी कड़ी में राजस्थान के फलौदी में जंभ सरोवर में भी विशाल मेले का आयोजन किया जाएगा।
यह जानकारी देते हुए बिश्रोई सभा सिरसा के कार्यकारिणी व संचालन समिति के सदस्य सुशील बैनीवाल ने बताया कि चैत्र की अमावस्या पर उत्तर प्रदेश में मुरादाबाद के पास लोदीपुर धाम व फलौदी (राजस्थान) के जंभ सरोवर में विशाल मेले लगेंगे। बिश्रोई समाज के अष्ट धामों में से एक धाम उत्तर प्रदेश के मुरादाबाद के पास लोदीपुर धाम में इस वर्ष भी 8 अप्रैल को चैत्र अमावस्या महापर्व का आयोजन होगा। सिरसा से बिश्नोई सभा के प्रधान खेमचंद बैनीवाल, सचिव ओपी बिश्नोई के नेतृत्व में हजारों की संख्या में श्रद्धालु लोदीपुर धाम में शिरकत करेंगे। इसके साथ-साथ देश के अलग-अलग राज्यों से भी लाखों श्रद्धालु मेले में पहुंचेंगे। उन्होंने बताया कि गुरु जांभोजी धाम में 7 अप्रैल को जागरण, प्रवचन व संतगणों का सम्मान होगा। इस दिन दोपहर बाद 3 बजे मुरादाबाद से भव्य शोभायात्रा लोदीपुर धाम तक निकाली जाएगी। उन्होंने बताया कि 8 अप्रैल को प्रात: 7 बजे से यज्ञ एवं तत्पश्चात चरण चिन्ह एवं ज्योति दर्शन तथा पर्यावरण पर संगोठी होगी। पूरा आयोजन बिश्रोई आश्रम हरिद्वार के महंत स्वामी राजेंद्रानंद महाराज के सानिध्य में होगा। इस कार्यक्रम में उत्त्तर प्रदेश भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष चौधरी भूपेंद्र सिंह मुख्यातिथि होंगे, जबकि विशिष्ट अतिथियों में मुरादाबाद के विधायक रितेश गुप्ता, उत्त्तर प्रदेश के विधायक सलील बिश्नोई, पूर्व सांसद कुंवर सर्वेश शामिल रहेंगे। इसके इतिहास के बारे में जानकारी देते हुए उन्होंने बताया कि करीब 540 वर्ष पूर्व गुरू जंभेश्वर भगवान समराथल धोरा राजस्थान से लोदीपुर अपने भक्तों के अनुरोध पर दर्शन देने के पहुंचे थे। गुरुजांभोजी ने निशानी के तौर पर अपनी भक्तिनी सुरजी देवी को खेजड़ी की सूखी लकड़ी दी और उसे जमीन में गाडऩे को कहा। समय के अनुसार लकड़ी हरी होने लगी। इस लकड़ी से पनपा खेजड़ी का वृक्ष आज भी लोदीपुर में मौजूद है। गुरु जांभोजी के पैर भी वहां निशानी के तौर पर मौजूद हंै। इसके बाद में श्रद्धालुओं ने वहां गुरु जंभेश्वर भगवान का मंदिर स्थापित करवाया और लोदीपुर एक धाम के रूप में स्थापित हो गया। इसी कड़ी में राजस्थान के फलौदी में जंभ सरोवर में भी विशाल मेले का आयोजन किया जाएगा।
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