पत्रकार कल्याण संकल्प पत्र- मिशन जॉर्नलिस्ट प्रोटेक्शन भारत
मेरे पत्रकार भाइयों बहनों मैंने सभी पत्रकार साथियों को भाई एवं बहन कहकर संबोधित किया है इसके लिए आप सोच रहे होंगे कि ऐसा क्यों?
भाइयों एवं बहनों मेरा मानना है कि पत्रकारता से जुड़े हुए सभी साथी एक ही परिवार है। परिवार में किसी प्रकार की दूरी उचित नही। हमें अपने सम्मान एवं सुरक्षा की लड़ाई स्वयं ही एकजुट होकर लड़नी है। हमारे सम्मान एवं अधिकारों की रक्षा करने के लिए कोई बाहर से नहीं आएगा।
अपने अधिकारों को संरक्षित एवं सम्मानित पत्रकारिता करने के उद्देश्य को समक्ष रखते हुए आपके भाई विष्णु चौहान ने समस्त साथियों की सलाह से यह निर्णय लिया है कि हरियाणा प्रांत में पत्रकार कल्याण संकल्प यात्रा का आयोजन कर, पत्रकारों के हितों को संरक्षित किया जाए। इसके लिए 21 सूत्रीय पत्रकार कल्याण संकल्प पत्र तैयार किया है। जिसके माध्यम से प्रत्येक जिले के सभी पत्रकार साथी संगठित होकर उपायुक्त के माध्यम से मुख्यमंत्री तक अपनी आवाज पहुंचाने का कार्य ज्ञापन देकर करेंगे। इस यात्रा के आयोजन के समय आपका भाई विष्णु चौहान व हरियाणा प्रांत के मिशन जनरलिस्ट प्रोटेक्शन, भारत के पदाधिकारी आपके जिले में आपके द्वारा निर्धारित समय पर उपलब्ध रहकर आपका उत्साहवर्धन करेंगे।
_मिशन जर्नलिस्ट प्रोटेक्शन भारत द्वारा संपूर्ण पत्रकार बिरादरी हेतु_
~पत्रकार कल्याण संकल्प पत्र~
1- पत्रकारिता अत्यंत जिम्मेदारी, संवेदनशील, जोखिम से भरा हुआ एवं मानसिक श्रम का जवाबदेह पूर्ण कार्य है। इन सभी बातों को ध्यान में रखते हुए पत्रकारिता सम्मान निधि 50 वर्ष की आयु से मिले।
2- पत्रकारिता को लोकतंत्र का चौथा स्तंभ माना जाता है। लोकतंत्र एवं पत्रकारिता का सम्मान रखते हुए पत्रकार सम्मान निधि / पत्रकार पेंशन योजना राशि की शुरुआत रु 50,000 मासिक से हो एवं समय-समय पर महंगाई के अनुसार इसमें महगाई भत्ता सहित अन्य अलाउंस जोड़कर बढ़ोतरी होती रहे, ऐसा सुनिश्चित करना चाहिए।
3- जिन पत्रकार साथियों की आयु (मान्यता प्राप्त किया गैर मान्यता प्राप्त) 50 वर्ष या अधिक उम्र के सभी पत्रकारों को सरकार से मिलने वाली सभी सुविधाएं आजीवन सुचारू रहे ऐसा सुनिश्चित होना चाहिए।
4- 50 बर्ष की आयु के बाद एक यूनिक कार्ड पत्रकार को मिलना चाहिए जिससे उसको एवं उसके आश्रितों को सामाजिक सुरक्षा, स्वास्थ्य सुरक्षा, आर्थिक सुरक्षा सहित अन्य सरकारी योजनाओं का लाभ मिलता रहे।
5- राष्ट्रीय व राज्य स्तर पर पत्रकार सुरक्षा कानून बनाया जाए एवं प्रेस आयोग का गठन किया जाए।
6- पत्रकार के विरुद्ध किसी भी प्रकार की शिकायत आने पर उसकी जांच विशेष जांच कमेटी (SIT) द्वारा की जानी चाहिए। इस टीम में सेवानिवृत्त न्यायधीश, दो वरिष्ठ पत्रकार, एक सेवानिवृत्त आईपीएस अधिकारी एवं एक वर्तमान आई.ए.एस.अधिकारी हो। जांच में अगर शिकायत को सही पाया जाए तब ही पत्रकार के विरुद्ध मामला दर्ज हो अन्यथा शिकायतकर्ता के विरुद्ध मामला दर्ज होना चाहिए।
7- पत्रकार के निवास से लेकर 200 किलोमीटर क्षेत्र को पत्रकारों के लिए टोल फ्री किया जाना चाहिए इसके लिए राज्य सरकार से विशेष स्टीकर/फास्टैग उपलब्ध कराया जाए।
8- हुडा प्लाट आवंटन में पत्रकारों के लिए 5% प्लाट आरक्षित हो या प्रत्येक जिले में पत्रकार कॉलोनी के लिए सरकारी दर पर भूमि उपलब्ध कराई जाए।
9- सभी पत्रकारों (मान्यता प्राप्त एवं गैर मान्यता प्राप्त) को परिवार सहित आयुष्मान योजना का लाभ कैशलेस सुविधा के रूप में दिया जाए।
10- राज्य सरकार पर्यटन केंद्रों/ विश्रामगृह पर पत्रकारों को आवश्यकता पढ़ने पर रहने के लिए नि:शुल्क सुविधा उपलब्ध हो।
11 - प्रत्येक जिले में प्रशासनिक व्यवस्था को सुदृढ़ करने के लिए जिला ग्रीवेंस कमेटी में दो पत्रकारों की नियुक्ति की जाए।
12- मध्यम एवं लघु समाचार पत्रों के लिए विज्ञापन नीति को सशक्त बनाए एवं सुनिश्चित किया जाए कि किसी भी स्तर पर इनका शोषण व अनदेखी ना हो।
13- समाचार पत्रों को विज्ञापन वितरण के लिए एक निष्पक्ष संस्था का गठन किया जाना चाहिए जिस पर किसी भी प्रकार से किसी राजनीतिक पार्टी एवं सरकार का दखल ना हो और वह प्रमाणित तरीके से सभी समाचार लघु, मध्यम एवं विशाल को विज्ञापन वितरण का कार्य करें।
14- राज्य सरकार के विज्ञापन बजट को सभी जिलों में समान रूप से वितरित किया जाए एवं राशि को जिलों से प्रकाशित होने वाले समाचार पत्रों को विज्ञापन के रूप में वितरण किया जाए।
15- समाचार पत्र पत्रिका सामाजिक सेवा है लेकिन समाचार पत्र पत्रिका के स्वामी, मुद्रक, प्रकाशक जब समाचार पत्र/पत्रिका को स्वरूप देते समय उन्हें इसके लिए पेपर, स्याई, प्लेटस, ट्रांसपोर्टेशन, के सहयोग से समाचार पत्र तैयार होता है इस पर स्वामी, मुद्रक, प्रकाशक से जीएसटी वसूली जाती है। लेकिन समाचार पत्र पर किसी भी प्रकार की जीएसटी पाठक से नहीं ली जाती है। अतः आपसे आग्रह है कि स्वामी, मुद्रक, प्रकाशक को समाचार पत्र हेतु मिलने वाली सामग्री को जीएसटी से मुक्त किया जाए।
16- मीडिया सेंटर पुस्तकालय की तरह अनुशासित होना चाहिए। जहां पर सभी अपना कार्य करें, लेकिन एक दूसरे को डिस्टर्ब ना करें।
17- मीडिया सेंट्रो की देखरेख/ अनुशासन हेतु राज्य स्तरीय कमेटी का गठन किया जाए।
18- पत्रकारों को मान्यता प्राप्त एवं गैर मान्यता प्राप्त की नीति में बांटने की प्रक्रिया बंद की जानी चाहिए। जिस भी पत्रकार पर न्यूनतम पत्रकारिता के लिए निर्धारित शिक्षा एवं अनुभव है वह सदैव पत्रकार रहे एवं पत्रकारों के मिलने वाली सुविधाओं का अधिकारी हो।
19- पत्रकार की बेटी के शुभ विवाह पर कन्यादान के रूप में सरकार द्वारा ₹551000/- ( रुपए पांच लाख इक्यावन हजार) की राशि दी जानी चाहिए।
20- पत्रकार परिवार की आर्थिक सुरक्षा हेतु प्रत्येक पत्रकार का दुर्घटना बीमा सरकार की तरफ से कराना चाहिए जिसमें पत्रकार के आत्मिक निधन पर ₹5000000 (पचास लाख) की राशि परिवार को मिल पाए
21 - इन बिंदुओं के साथ हम यह भी स्वीकार करते हैं कि पत्रकारों के लिए मीडिया आयोग/ विभाग द्वारा मानक एवं मापदंड तय किए जाने भी आवश्यक है। जिसमें शिक्षा, अनुभव, सामाजिकता, व्यवहार कुशलता आदि हो सकते हैं। इसके लिए एक कमेटी बनाकर मापदंड तय किए जाएं और इस कमेटी में पत्रकारों को भी शामिल किया जाए।
सभी पत्रकार भाई एवं बहनों से आग्रह है कि वह अपने जिले में अपनी क्षमताओं को देखते हुए जिम्मेवारी अवश्य लें। जिले में जिम्मेदारी लिए व्हाट्सएप नंबर 9416406465 एवं ईमेल missonjournalistprotection@gmail.com पर सूचना प्रेषित करें।
आग्रह पूर्वक आपका
विष्णु चौहान,
राष्ट्रीय अध्यक्ष,
मिशन जॉर्नलिस्ट प्रोटेक्शन, भारत
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