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सम्पति मालिक की स्वीकृति के बिना नहीं लगा सकते प्रचार सामग्री--आदेशों की अवहेलना करने पर होगी कार्रवाई :-जिला निर्वाचन अधिकारी एवं डीसी प्रशांत पंवार

Propaganda material cannot be posted without the consent of the property owner - action will be taken if orders are violated: District Election Officer and DC Prashant Panwar
 
सम्पति मालिक की स्वीकृति के बिना नहीं लगा सकते प्रचार सामग्री--आदेशों की अवहेलना करने पर होगी कार्रवाई :-जिला निर्वाचन अधिकारी एवं डीसी प्रशांत पंवार

कैथल, 1 अप्रैल (          ) जिला निर्वाचन अधिकारी एवं डीसी प्रशांत पंवार ने कहा कि लोकसभा चुनाव प्रक्रिया के दौरान कोई भी व्यक्ति, राजनीतिक दल या चुनाव उम्मीदवार बिना सम्पति मालिक की स्वीकृति के पोस्टर, बैनर या स्लोगन आदि नहीं लगा सकता है। ऐसा करने के लिए संबंधित संपत्ति के मालिक से पूर्व में लिखित रूप से स्वीकृति लेनी होगी। बिना लिखित स्वीकृति के ऐसा करने वाले के खिलाफ नियमानुसार कानूनी कार्रवाई की जा सकती है।

          जिला निर्वाचन अधिकारी एवं डीसी प्रशांत पंवार ने कहा कि आदर्श आचार संहिता, हरियाणा प्रिवेंशन ऑफ डिफेसमेंट प्रॉपर्टी एक्ट व म्यूनिसिपल लॉ के अनुसार किसी भी निजी या सरकारी संपत्ति पर उसके मालिक की लिखित स्वीकृति के बिना किसी भी प्रकार का पोस्टर, बैनर आदि नहीं लगाया जा सकता है। ऐसा करने वाले के खिलाफ हरियाणा प्रिवेंशन ऑफ डिफेसमेंट प्रॉपर्टी एक्ट व म्यूनिसिपल लॉ के तहत भी कार्रवाई हो सकती है। संबंधित मालिक से लिखित स्वीकृति के बाद केवल जिला प्रशासन द्वारा चिन्ह्ति किए गए स्थानों पर ही विज्ञापन, जिनमें पोस्टर, बैनर, होर्डिंग या दीवार पर किसी भी प्रकार की लिखावट इत्यादि लगाए जा सकते हैं।

          जिला निर्वाचन अधिकारी ने कहा कि चुनाव आयोग के निर्देशानुसार रास्तों पर लगाए गए संकेत चिह्न, दिशा निर्देशक, रेलवे स्टेशन के नोटिस बोर्ड या बस टर्मिनल के नोटिस बोर्ड और चस्पा बोर्डों आदि पर भी चुनाव प्रचार सामग्री नहीं लगाई जा सकती। जिला के सभी संबंधित एआरओ को इन आदेशों की अपने-अपने विधानसभा क्षेत्र में अनुपालना की जिम्मेदारी सौंपी गई है। आदेशों के अनुसार अगर कहीं से चुनाव सामग्री उतरवानें की जरूरत पड़ती है, तो उड़नदस्तों की टीम की मदद से निरीक्षण कर आदेशों की अनुपालना सुनिश्चित करेंगे और संबंधित सहायक रिटर्निंग अधिकारी को समय-समय पर रिपोर्ट देंगे। जिम्मेदारी को ठीक से ना निभाने या आदेशों में कोताही बरतने वाले अधिकारी या कर्मचारी के खिलाफ भी सख्त कार्रवाई की जा सकती है। जिला के सभी विभागों, बोर्डों, निगमों और शिक्षण संस्थानों आदि के उच्च अधिकारी अपने परिसर के अंदर व बाहर इन आदेशों की अनुपालना के लिए निजी तौर पर जिम्मेदार होंगे। जिला प्रशासन प्रचार सामग्री को उतारने का खर्चा भी संबंधित राजनीतिक दल से वसूल कर सकता है।

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