10 मार्च को सर्व खाप सर्व जातीय देशव्यापी महापंचायत में लिया जाएगा कठोर फैसला!
हिंसा से नही सत्याग्रह से लेंगे जाट आरक्षण: रमेश दलाल
सम गोत्र विवाह को अवैध नही किया तो नही आयेंगे ओलंपिक में मैडल: रमेश दलाल
बहादुरगढ़। जाट, बिश्नोई, त्यागी रोड , सिख जाट और मुले जाट को आरक्षण और सम गोत्र विवाह को अवैध करवाने की मांग को लेकर आमरण अनशन सत्याग्रह पर बैठे राष्ट्रीय किसान नेता रमेश दलाल को आज चौथा दिन हो गया। रमेश दलाल की गिरती जा रही सेहत से सर्व समाज में सरकार की तरफ से गुस्सा बढ़ता जा रहा है। इसलिए 10 मार्च को सर्व समाज और सर्वखाप की देशव्यापी महापंचायत में जाट आरक्षण और सम गोत्र विवाह के मुद्दे को सरकार से पूरा करने के लिए कोई कठोर फैसला ले सकते है। उत्तर प्रदेश, राजस्थान, मध्य प्रदेश, दिल्ली इत्यादि राज्यो की सभी खापों और सामाजिक संगठनों को दलाल खाप चौरासी
के प्रधान भूप सिंह दलाल की तरफ से निमंत्रण पत्र भेज दिए गए हैं।
कल महम से विधायक बलराज कुंडू भी रमेश दलाल को अपना समर्थन देने पहुंचे थे। उन्होंने किसान नेता रमेश दलाल को इस आमरण अनशन में अपना पूर्ण सहयोग देने का आश्वासन दिया था।
आसपास के गांवों से रमेश दलाल के समर्थन में ट्रैक्टर ट्रालियों में सवार होकर सैकड़ो की संख्या में महिलाएं भी समर्थन देने पहुंच रही है। देर रात तक भी समाज के विभिन्न वर्ग के अग्रणी नेता अपना समर्थन देने अनशन स्थल पर रमेश दलाल को अपना समर्थन देने आ रहें हैं।
दलाल खाप 84 और दहिया खाप के प्रधान पहले ही अपना समर्थन रमेश दलाल के आमरण अनशन सत्याग्रह आंदोलन को दे चुके हैं।आज समर्थन देने वालों में पंडित ऋषि प्रकाश (दिल्ली) दिल्ली ब्राह्मण समाज, पंडित अश्वनी शर्मा प्रधान गुलिया चौबीसी ब्राह्मण समाज, अंतर्राष्ट्रीय पहलवान बिट्टू अहलावत ब्रहाणा, कश्मीर छिल्लर और तारीफ सिंह, सतबीर पहलवान तीनों गढ़ी निजामपुर दिल्ली, दलजीत छिल्लर बमनोली। सोनीपत जिले की गोहाना तहसील से रिढाना गांव से मंगल, वजीर, सतबीर और पृथी सरपंच। रोहतक के चिड़ी गांव से वरिष्ठ वकील आर सी दलाल भी अपनी टीम के साथ रमेश दलाल को समर्थन देने पहुंचे।
उपरोक्त सभी व्यक्तियों ने कहा कि समाज हित की आवाज उठाने में रमेश दलाल हमेशा अग्रणी भूमिका निभाते रहे हैं। रमेश दलाल राष्ट्रीय किसान नेता है और समाज को उनका हक दिलाने के लिए भूख हड़ताल पर बैठे है। इसलिए इन्होंने अपील करते हुए समाज के लोगों को अपना समर्थन देने के लिए इस आमरण अनशन में बढ़ चढ़ कर भाग लेना चाहिए। उन्होंने रमेश दलाल के स्वास्थ्य को लेकर भी चिंता जताई और सरकार के मांग करते हुए कहा कि उनकी मांगों को जल्द से जल्द माना जाए।
रमेश दलाल एक मार्च से केएमपी आसोदा टोल प्लाजा पर हरियाणा सहित 12 राज्यों के जाटों को ओबीसी की सेंट्रल लिस्ट में आरक्षण दिलाने की मांग को लेकर भूख हड़ताल पर बैठे हैं। इसके अलावा उनकी दूसरी मांग हैं कि सरकार सम गोत्र शादी को गैर कानूनी घोषित करे। रमेश दलाल ने बताया कि पहली बार ऐसा हुआ है जब जाट आरक्षण की मांग को लेकर धरने पर बैठे समाज के लोगों को अन्य जातियों का भी समर्थन मिल रहा है। राष्ट्रीय किसान नेता रमेश दलाल ने कहा की जाट जाति के साथ सभी सरकारों ने भेदभाव किया है। दिल्ली, हिमाचल, उतराखंड, उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश और बिहार में सिर्फ राज्यो की नौकरियों में आरक्षण जाटों को मिला हुआ है। जबकि हरियाणा में जाटों को आरक्षण अपने राज्य में भी नहीं मिल रहा है। उन्होंने कहा कि सिर्फ गांधीवादी तरीके से आंदोलन चलाया जाएगा। रमेश दलाल ने कहा कि सम गोत्र विवाह को अवैध करवाने के साथ साथ जाट, बिश्नोई, त्यागी, रोड, मुले जाट और सिख जाट को आरक्षण दिलवाने के लिए वे आमरण अनशन पर बैठे हैं। रमेश दलाल ने कहा कि यह आंदोलन गांधीवादी विचारधारा के अनुसार ही चलेगा और भाई चारे और सौहार्द का वातावरण तैयार करेगा।
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