प्रधानमंत्री मोदी की गारंटी से सिरसा में भाजपा का पलड़ा भारी, कांग्रेस में कलह है जारी
सिरसा, संसदीय चुनावों में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की गारंटी पर जनता यकीन करता नजर आ रही है तो कांग्रेस की गुटबाजी व नेताओं की खींचतान के चलते उसका पहले वाला वोट बैंक भी खिसकता नजर आ रहा है। सिरसा संसदीय क्षेत्र पंजाब व राजस्थान से सटा हुआ है और यहां पर नौ विधानसभा क्षेत्रों में करीब 19 लाख 24 हजार मतदाता हैं
। भारतीय जनता पार्टी ने यहां से डा. अशोक तंवर को उम्मीदवार बनाया है। उनका प्रचार पूरी गति पकड़े हुए है और सिरसा की सियासी पिच पर वे धुआंधार बैटिंग करते हुए नजर आ रहे हैं। खास बात यह है कि दो दिन पहले पूर्व मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर की मौजूदगी में हरियाणा लोकहित पार्टी ने संसदीय चुनाव में अधिकृत रूप से भाजपा को समर्थन दे दिया। हलोपा के सुप्रीमो गोपाल कांडा सिरसा से विधायक हैं तो उनके भाई गोबिंद कांडा भाजपा में हैं। विशेष तथ्य यह भी है कि कांग्रेस अभी तक अपना उम्मीदवार मैदान में नहीं उतार सकी है,
जबकि भाजपा ने सबसे पहले लोकसभा और सभी विधानसभा क्षेत्रों में कार्यालय खोलते हुए चुनाव को लेकर 16 विशेष समितियों का गठन कर दिया है। 30 हजार पन्ना प्रमुखों के साथ सिरसा लोकसभा के तमाम पदाधिकारी चुनाव प्रचार में जुट गए हैं। विशेष बात यह है कि 6 अप्रैल को पूरा दिन पूर्व मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर ने सिरसा में बिताया और जीत का मूलमंत्र भी दिया। 7 व 8 अप्रैल को मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने प्रचार को रफ्तार दी तो अब एक बार फिर से 10 अप्रैल को पूर्व मुख्यमंत्री मनोहर लाल व मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी कालांवाली में जनसभा को संबोधित करेंगे।
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