जाति, धर्म के नाम पर समाज को बांटने का प्रयास ना किया जाए धार्मिक गतिविधियों का सहारा नहीं लिया जाएगा चुनाव प्रचार में चुनावी गतिविधियों पर रहेगी प्रशासन की नजर
There should be no attempt to divide the society in the name of caste and religion, no recourse will be taken to religious activities, the administration will keep an eye on election activities during the election campaign.
Apr 10, 2024, 12:08 IST
गुरूग्राम, 9 अप्रैल। जिला निर्वाचन अधिकारी एवं डीसी निशांत कुमार यादव ने कहा है कि लोकसभा चुनाव के दौरान सभी राजनीतिक पार्टियां एवं उम्मीदवार आदर्श चुनाव आचार संहिता की पालना करें। जिला प्रशासन का संकल्प है कि निष्पक्ष तथा पारदर्शी तरीके से इस चुनाव को संपन्न करवाया जाए।
डीसी आज लघु सचिवालय के सभागार में राजनीतिक पार्टियों के पदाधिकारी व प्रतिनिधियों की बैठक को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि भारत निर्वाचन आयोग की 16 मार्च को लोकसभा चुनावों की घोषणा के साथ ही आदर्श चुनाव आचार संहिता जिला में लागू हो गई है। चुनाव के छठे चरण में 29 अप्रैल से नामांकन प्रक्रिया शुरू हो जाएगी। उसके बाद चुनाव की गतिविधियां और अधिक तेज हो जाएंगी। चुनाव के दौरान पार्टियां व उनके प्रत्याशी यह ध्यान रखें कि चुनाव प्रचार में जाति, धर्म या समाज को बांटने का काम ना किया जाए। धार्मिक गतिविधियों का सहारा लेकर कोई भी प्रत्याशी अपना प्रचार नहीं कर सकेगा। चुनाव के दौरान मतदाताओं को लुभाने के लिए कहीं भी किसी प्रकार के उपहार, नकदी या नशीले पदार्थों का प्रयोग ना किया जाए।
उन्होंने कहा कि वोट लेने के लिए किसी भ्भी मतदाता को डराया या धमकाया ना जाए। किसी निजी भवन की दीवारों पर बगैर मकान मालिक की अनुमति के झंडे, पंफलेट, पोस्टर आदि ना चिपकाएं जाएं। इसमें संपत्ति विरूपण अधिनियम के तहत कार्यवाही हो सकती है। दीवारों पर वॉल पेंटिग का कार्य एआरओ या एसडीएम की बिना अनुमति के नहीं किया जाना चाहिए। प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र में निर्धारित किए गए स्थानों पर ही होर्डिंग, बैनर, पोस्टर लगाए जाने चाहिए और प्रशासन की ओर से चिन्हित स्थानों पर ही वॉल पेटिंग की जा सकती है।
जिला निर्वाचन अधिकारी ने कहा कि निर्वाचन विभाग ने चुनाव खर्च का ब्यौरा रखने के लिए सभी सेवाओं और सामग्री के रेट तय किए हुए हैं। प्रशासन की सर्विलेंस टीमें चुनाव प्रचार की गतिविधियों पर पूरी निगरानी रखेंगी और बड़ी जनसभा व चुनाव कार्यालयों की फोटोग्राफी व वीडियोग्राफी करवाई जाएगी। इसलिए प्रत्याशी अपने चुनाव खर्च का विवरण समय पर चुनाव कार्यालय में जमा करवाए। एक उम्मीदवार इस चुनाव में 95 लाख तक की राशि का खर्च कर सकता है। जो उममदवार चुनाव का खर्च जमा नहीं करवाता है तो उसे चुनाव लडऩे के लिए अयोग्य घोषित किया जा सकता है।
डीसी निशांत कुमार यादव ने कहा कि जनसभा, रोड शो आदि करने के लिए एसडीएम कम एआरओ कार्यालय से अनुमति दी जाएगी। पहले आओ-पहले पाओ के आधार पर ये अनुमति मिलेंगी। प्रशासन की ओर से जनसभा स्थल का प्रयोग करने में सभी उम्मीदवारों को समान अवसर दिए जाएंगे। इसके लिए उम्मदीवार या पार्टियां सुविधा पोर्टल का प्रयोग कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि चुनाव प्रचार के दौरान आम नागरिकों की शांति भंग ना की जाए और ना ही वोट मांगने के लिए रात के समय किसी मकान की डोर बैल बजाई जाए। लाऊडस्पीकर बजाने का समय सुबह 6 बजे से रात दस बजे तक का रहेगा। ये भी ऊंची आवाज में ना बजाएं जाएं। चुनाव प्रचार के दौरान पुतले आदि फंूकने का काम ना किया जाए, इससे लोग भडक़ सकते हैं। चुनाव प्रचार में भाषण के दौरान किसी उम्मीदवार पर व्यक्तिगत आक्षेप ना किए जाएं। भाषण व प्रचार की भाषा शालीन होनी चाहिए।
उन्होंने कहा कि आदर्श आचार संहिता के अनुसार कोई व्यक्ति 50 हजार से अधिक नकदी लेकर जा रहा है तो उसे बैंक से एक परमिशन लैटर बनवाना होगा। बैंक उपभोक्ता को एक क्यूआर कोड प्रदान करेगा, जिससे यह स्पष्टï होगा कि किस उद्देश्य से कैश ले जाया जा रहा है। इस अवसर पर भारत निर्वाचन आयोग के नेशनल मास्टर ट्रेनर व गुरूग्राम के एसडीएम रविंद्र कुमार ने भी पार्टी प्रतिनिधियों को चुनाव आचार संहिता के बारे में विस्तार से बताया। बैठक में नगराधीश कुंवर आदित्य विक्रम, ओएसडी प्रीति रावत, चुनाव तहसीलदार राजेंद्र सिंह, संतलाल तथा विभिन्न राजनीतिक पार्टियों के पदाधिकारी उपस्थित रहे।
डीसी आज लघु सचिवालय के सभागार में राजनीतिक पार्टियों के पदाधिकारी व प्रतिनिधियों की बैठक को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि भारत निर्वाचन आयोग की 16 मार्च को लोकसभा चुनावों की घोषणा के साथ ही आदर्श चुनाव आचार संहिता जिला में लागू हो गई है। चुनाव के छठे चरण में 29 अप्रैल से नामांकन प्रक्रिया शुरू हो जाएगी। उसके बाद चुनाव की गतिविधियां और अधिक तेज हो जाएंगी। चुनाव के दौरान पार्टियां व उनके प्रत्याशी यह ध्यान रखें कि चुनाव प्रचार में जाति, धर्म या समाज को बांटने का काम ना किया जाए। धार्मिक गतिविधियों का सहारा लेकर कोई भी प्रत्याशी अपना प्रचार नहीं कर सकेगा। चुनाव के दौरान मतदाताओं को लुभाने के लिए कहीं भी किसी प्रकार के उपहार, नकदी या नशीले पदार्थों का प्रयोग ना किया जाए।
उन्होंने कहा कि वोट लेने के लिए किसी भ्भी मतदाता को डराया या धमकाया ना जाए। किसी निजी भवन की दीवारों पर बगैर मकान मालिक की अनुमति के झंडे, पंफलेट, पोस्टर आदि ना चिपकाएं जाएं। इसमें संपत्ति विरूपण अधिनियम के तहत कार्यवाही हो सकती है। दीवारों पर वॉल पेंटिग का कार्य एआरओ या एसडीएम की बिना अनुमति के नहीं किया जाना चाहिए। प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र में निर्धारित किए गए स्थानों पर ही होर्डिंग, बैनर, पोस्टर लगाए जाने चाहिए और प्रशासन की ओर से चिन्हित स्थानों पर ही वॉल पेटिंग की जा सकती है।
जिला निर्वाचन अधिकारी ने कहा कि निर्वाचन विभाग ने चुनाव खर्च का ब्यौरा रखने के लिए सभी सेवाओं और सामग्री के रेट तय किए हुए हैं। प्रशासन की सर्विलेंस टीमें चुनाव प्रचार की गतिविधियों पर पूरी निगरानी रखेंगी और बड़ी जनसभा व चुनाव कार्यालयों की फोटोग्राफी व वीडियोग्राफी करवाई जाएगी। इसलिए प्रत्याशी अपने चुनाव खर्च का विवरण समय पर चुनाव कार्यालय में जमा करवाए। एक उम्मीदवार इस चुनाव में 95 लाख तक की राशि का खर्च कर सकता है। जो उममदवार चुनाव का खर्च जमा नहीं करवाता है तो उसे चुनाव लडऩे के लिए अयोग्य घोषित किया जा सकता है।
डीसी निशांत कुमार यादव ने कहा कि जनसभा, रोड शो आदि करने के लिए एसडीएम कम एआरओ कार्यालय से अनुमति दी जाएगी। पहले आओ-पहले पाओ के आधार पर ये अनुमति मिलेंगी। प्रशासन की ओर से जनसभा स्थल का प्रयोग करने में सभी उम्मीदवारों को समान अवसर दिए जाएंगे। इसके लिए उम्मदीवार या पार्टियां सुविधा पोर्टल का प्रयोग कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि चुनाव प्रचार के दौरान आम नागरिकों की शांति भंग ना की जाए और ना ही वोट मांगने के लिए रात के समय किसी मकान की डोर बैल बजाई जाए। लाऊडस्पीकर बजाने का समय सुबह 6 बजे से रात दस बजे तक का रहेगा। ये भी ऊंची आवाज में ना बजाएं जाएं। चुनाव प्रचार के दौरान पुतले आदि फंूकने का काम ना किया जाए, इससे लोग भडक़ सकते हैं। चुनाव प्रचार में भाषण के दौरान किसी उम्मीदवार पर व्यक्तिगत आक्षेप ना किए जाएं। भाषण व प्रचार की भाषा शालीन होनी चाहिए।
उन्होंने कहा कि आदर्श आचार संहिता के अनुसार कोई व्यक्ति 50 हजार से अधिक नकदी लेकर जा रहा है तो उसे बैंक से एक परमिशन लैटर बनवाना होगा। बैंक उपभोक्ता को एक क्यूआर कोड प्रदान करेगा, जिससे यह स्पष्टï होगा कि किस उद्देश्य से कैश ले जाया जा रहा है। इस अवसर पर भारत निर्वाचन आयोग के नेशनल मास्टर ट्रेनर व गुरूग्राम के एसडीएम रविंद्र कुमार ने भी पार्टी प्रतिनिधियों को चुनाव आचार संहिता के बारे में विस्तार से बताया। बैठक में नगराधीश कुंवर आदित्य विक्रम, ओएसडी प्रीति रावत, चुनाव तहसीलदार राजेंद्र सिंह, संतलाल तथा विभिन्न राजनीतिक पार्टियों के पदाधिकारी उपस्थित रहे।
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